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लोकायुक्त ने की दीपक सिंघल के आडियो टेप की जांच की सिफारिश

लोकायुक्त ने प्रदेश के वरिष्ठ आईएएस एवं पूर्व मुख्य सचिव दीपक सिंघल के बहुचर्चित आडियो टेप की फोरेंसिक साइंस एवं आडियो विशेषज्ञों से जांच कराने की संस्तुति की है। 

यह संस्तुति लोकायुक्त की उस वार्षिक रिपोर्ट में की गई है जो शुक्रवार को प्रदेश सरकार की ओर से विधानसभा में पेश की गई। एक्टिविस्ट डॉ. नूतन ठाकुर के परिवाद पर जांच के बाद लोकायुक्त ने रिपोर्ट में कहा है कि यदि आडियो टेप में आवाज वास्तव में तत्कालीन प्रमुख सचिव नियुक्ति दीपक सिंघल की पाई जाती है तो यह बेहद गंभीर बात है। तब उन्हें पद के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के लिए दोषी माना जा सकेगा। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि शिकायतकर्ता ने वार्ता का आडियो क्लिप यू-ट्यूब पर उपलब्ध होने का उल्लेख किया है। आडियो टेप साक्ष्य में तभी ग्रहण किया जा सकता है, जब यह साबित हो जाए कि जिनकी आवाज उस आडियो में होना कहा गया है। वह वास्तव में उन्हीं की है अथवा उसके साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। लोकायुक्त प्रशासन में फोरेंसिक साइंस विशेषज्ञ एवं आडियो टेप विशेषज्ञ नहीं है।

शिकायतकर्ता के आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। इसमें तत्कालीन प्रमुख सचिव के विरुद्ध सरकारी गोपनीय व्यवसायिक बातें निजी व्यक्ति से बताने एवं निजी व्यक्ति से सरकारी कामकाज में लगातार आदेश लेते रहने एवं सरकारी गोपनीयता भंग करने का आरोप है। साथ ही किसी बाहरी व्यक्ति को लगभग 96 लाख रुपये ले जाकर देने की बात भी आडियो टेप में होने की बात कही गई है। डॉ. नूतन ठाकुर ने नियुक्ति विभाग के अधिकारियों को भी इस मामले में आरोपित किया था लेकिन लोकायुक्त ने रिपोर्ट में उन अधिकारियों पर कोई टिप्पणी नहीं की है। लोकायुक्त ने कथित तौर पर दीपक सिंघल की आवाज वाले टेप की तकनीकी जांच के लिए शासन स्तर पर फोरेंसिक व आडियो विशेषज्ञों की टीम गठित करने की संस्तुति की है।

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  • Web Title:Lokayukta recommends screening of audio tapes of Deepak Singhal