DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

Lok Sabha Elections 2019 : सोनेलाल की राजनीतिक विरासत को सहेजने में दो खेमों में बंटा परिवार

Lok Sabha Elections 2019 : कमेरा समाज के नेता डॉ. सोनेलाल पटेल की राजनीतिक विरासत को सहेजने और आगे बढ़ाने की होड़ में उनका पूरा परिवार दो धड़ों में बंटा हुआ है। उनके निधन के बाद अपना दल को धार देने वाली बेटी अनुप्रिया पटेल और पत्नी डा. कृष्णा पटेल के बीच दूरियां काफी बढ़ गई हैं। इस चुनाव में मां और बेटी की अगुवाई वाले दो दल आमने-सामने होंगे।

डॉ. सोनेलाल पटेल ने 1995 में अपना दल की स्थापना की थी। उन्होंने खुद को कमेरा समाज के नेता के रूप में स्थापित किया था। पूर्वांचल में पार्टी की पकड़ धीरे-धीरे काफी मजबूत हो गई थी जिसके कारण वर्ष 2002 विधानसभा चुनाव में अपना दल से तीन विधायक चुनाव जीते, हालांकि बाद में उन्होंने दलबदल कर लिया था। इस झटके बाद भी सोनेलाल पार्टी को आगे बढ़ाते रहे। वर्ष 2009 में कानपुर में एक सड़क हादसे में डा. सोनेलाल का निधन हो गया था। निधन के बाद पार्टी की कमान उनकी पत्नी कृष्णा पटेल और बेटी अनुप्रिया पटेल ने संभाली। इन दोनों की अगुवाई में पार्टी और आगे बढ़ी। 

वर्चस्व की जंग ने कांग्रेस और सपा-बसपा गठबंधन में दूरियां बढ़ाईं

2014 चुनाव के बाद मां-बेटी में बन गई दूरी: 2014 आमचुनाव के बाद पार्टी में वर्चस्व के मुद्दे पर मां-बेटी में दूरियां बन गईं। यहां तक कि पार्टी को लेकर दोनों ने निर्वाचन आयोग में अलग-अलग दावे किए। अभी इस पर कोई फैसला नहीं हो सका है। इसे देख अनुप्रिया पटेल ने अपना दल (सोनेलाल) के नाम से नई पार्टी पंजीकृत करा ली। इस नई पार्टी के बैनर से 2017 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश में नौ विधायक चुने गए। भाजपा से गठबंधन के कारण अनुप्रिया पटेल के पति और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष पटेल एमएलसी चुने गए। स्व. सोनेलाल की पत्नी कृष्णा पटेल विधानसभा चुनाव के मैदान में उतरीं, लेकिन उन्हें जीत नहीं सकीं।  

अलग-अलग गठबंधन में दिखेंगी मां-बेटी: इस बार अनुप्रिया पटेलफिर से भाजपा गठबंधन में रहते हुए अपना दल (सोनेलाल) के बैनर तले चुनाव मैदान में जा रही हैं, सीटों का बंटवारा होना शेष है। कृष्णा पटेल अपना दल के बैनर तले कांग्रेस और शिवपाल यादव की पार्टी से समझौते की कोशिश में हैं। अपना दल से निकलकर दो और पार्टियां भी बन चुकी हैं। प्रतापगढ़ से सांसद कुंवर हरिवंश सिंह ने अखिल भारतीय अपना दल नाम से नई पार्टी बना ली है। अपना दल (बलिहारी) के नाम से भी एक पार्टी चल रही है यानी अपना दल के नाम से अब प्रदेश में चार दल सक्रिय हैं। 

सोनेलाल परिवार से पहली विधायक और सांसद बनीं अनुप्रिया
वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में सोनेलाल के परिवार से पहली बार बेटी अनुप्रिया पटेल वाराणसी के रोहनिया विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुनी गईं थीं। विधायक चुने जाने के बाद  उन्होंने पार्टी को धार देने का काम किया। पूर्वांचल में पार्टी के इस बढ़े जनाधार को देख ही 2014 के चुनाव से पहले भाजपा और अपना दल के बीच गठबंधन हुआ। दो सीटें मिर्जापुर और प्रतापगढ़ अपना दल को दी गईं, इन दोनों सीटों पर अपना दल को जीत हासिल हुई थी।  

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Lok Sabha Elections 2019: To save the political legacy of sonelaal the families divided into two camps