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Lok Sabha Elections 2019 :यूपी में विपक्षी दलों में मुस्लिम-दलित वोट बैंक सहेजने की छटपटाहट  

Lok Sabha Elections 2019 : सियासी सरगर्मियां बढ़ने के साथ ही कांग्रेस और सपा-बसपा गठबंधन में मुस्लिम और दलित वोटों को सहेजे रखने की छटपटाहट तेज हो गई है।

बसपा प्रमुख मायावती हर उस कवायद में जुटी हैं, जिससे मुस्लिम और दलित वोट बैंक उनके पाले में ही रहे। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी मुस्लिमों को सतर्क कर समझाने की कोशिश की है कि सपा ही भाजपा से असली टक्कर लेने की स्थिति में है। उत्तर प्रदेश में लगातार दौरे कर रहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी इसी कवायद में हैं कि कांग्रेस के परंपरागत वोट बैंक रहे मुस्लिमों और दलितों में पुरानी पैठ बनाई जाए। कांग्रेस ने 27 प्रत्याशियों में छह  मुस्लिमों को टिकट देकर साफ संदेश दे दिया है।

सामंजस्य बिठाने के लिए मायावती ने बदला संगठन का ढांचा

मायावती ने गुरुवार को लखनऊ में पूरे प्रदेश से जमा काडर को संदेश दिया कि उन्हें जिलों-जिलों में सपा से सामंजस्य बिठाना है। मायावती ने बीते 12 दिन में दूसरी बार गुरुवार को संगठन का ढांचा बदला। जानकारों की मानें तो बहुजन समाज पार्टी पश्चिमी उत्तर प्रदेश खासतौर पर सहारनपुर मंडल में भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर की सक्रियता और कांग्रेस की उनसे निकटता से खिन्न बताई जा रही हैं। दरअसल, बहुजन समाज पार्टी  गठबंधन की 38 सीटों में से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 12 पर मैदान में उतरेंगी। इस इलाके में मुस्लिम और दलित खासतौर पर जाटव वोट जीत के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं। बसपा-सपा को फिक्र सता रही है कि भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर की सक्रियता से अगर दलित वोट में सेंध लगी तो मुस्लिम भी कांग्रेस के साथ जा सकते हैं। इसी के मद्देनजर बसपा, कांग्रेस से खुद न केवल दूरी बनाए रख रही है, बल्कि कॉडर को सपा से मिलजुल कर प्रचार करने का फरमान दिया गया है, ताकि दलित-यादव गठजोड़ का मुस्लिमों पर संदेश जाए कि यह दोनों भाजपा से मुकाबले के लिए कांग्रेस की अपेक्षा बेहतर और मजबूत विकल्प हैं।

राज बब्बर बोले, पार्टी में आने वालों का स्वागत
कुछ ऐसी ही कवायद में यूपी में कांग्रेस भी जुटी है। इसी मद्देनज़र कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने गुरुवार को पदाधिकारियों से बैठक की और संदेश दिया कि जो उनके साथ आना चाहे, उनका स्वागत है। वैसे कांग्रेस ने मुरादाबाद जैसी मुस्लिम बाहुल्य सीट से राजबब्बर और सीतापुर से बसपा की पूर्व नेता कैसरजहां को टिकट देकर संदेश देने की कोशिश की कि राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस ही भाजपा से मोर्चा लेने की ताकत रखती है।

अखिलेश बोले, बसपा के साथ जी-जान से जुटें कार्यकर्ता
अखिलेश यादव ने गुरुवार को पार्टी कार्यकर्ताओं को संदेश दिया कि बसपा के साथ पूरे जी-जान से जुटें। वह यह कहने से नहीं चूके कि कांग्रेस भी गठबंधन में उनके साथ है, पर इशारों में यह भी संदेश दिया कि ऐन चुनाव में किसी नए दल संग सामंजस्य नामुमकिन है। इससे पूर्व बुधवार को पार्टी मुख्यालय में सपा के मुस्लिम नेताओं को समझाया कि हिन्दू मुस्लिम ध्रुवीकरण न होने दें। अगर मुस्लिमों को कम टिकट भी दिए जाएं तो सतर्क रहें व पार्टी के लिए जुटें।  

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  • Web Title:Lok Sabha Elections 2019: MPs in the UP to save Muslim-Dalit vote bank