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लोहिया संस्थान को विश्वविद्यालय बनाने वाला बिल विधानसभा के इसी सत्र में

प्रमुख संवाददाता / राज्य मुख्यालयलखनऊ के लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान को विश्वविद्यालय का दर्जा देने का बिल विधानसभा के इसी सत्र में लाया जाएगा। यह बिल पारित हो जाने पर संस्थान के पास विश्वविद्यालय की डिग्री देने का अधिकार आ जाएगा। इसके साथ ही संस्थान लखनऊ के संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) एक स्वायत्तशासी संस्था हो जाएगा। संस्थान के विश्वविद्यालय बन जाने से संस्थान में लोहिया अस्पताल के विलय का भी रास्ता साफ हो जाएगा। लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान को विश्वविद्यालय का दर्जा देने का बिल पूर्ववर्ती सपा सरकार के समय से ही लटका हुआ है। सपा सरकार ने विश्वविद्यालय के अध्यक्ष और कुलपति दोनों ही पद मुख्य सचिव को दे दिए थे। विधानसभा में यह बिल पास होकर जब राजभवन के पास पहुंचा तो वहां इस बिल पर अपनी सहमति नहीं दी गई। राजभवन का कहना था कि यदि किसी को लोहिया विश्वविद्यालय के अध्यक्ष से शिकायत होगी तो कुलाध्यक्ष से ही करेगा। अध्यक्ष और कुलपति एक ही होने के कारण पीड़ित को न्याय मिलना संभव नहीं हो सकेगा। प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने इस बिल में संशोधन किया। विश्वविद्यालय का दर्जा पाने वाले लोहिया संस्थान का अध्यक्ष तो मुख्य सचिव को बनाया। कुलपति राज्यपाल को बनाया गया है। लोहिया अस्पताल का संस्थान का विलय दो माह मेंलोहिया संस्थान को विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने के बाद अब 450 बिस्तर वाले लोहिया अस्पताल का संस्थान में विलय आसान हो गया है। यह प्रक्रिया दो महीने के अंदर पूरी कर ली जाएगी। अस्पताल के विस्तार के लिए शहीद पथ के किनारे 500 बेड का अस्पताल 2021 तक बन जाएगा। ये 500 बेड लोहिया संस्थान को मिल जाने के बाद पीजीआई पर पड़ने वाला मरीजों का भार काफी कम हो जाएगा।

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  • Web Title:Lohia