DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पंजाबी भाषा व संस्कृति के प्रचार-प्रसार पर हुआ गहन मंथन

लखनऊ। निज संवाददाता

पंजाबी अकादमी का मुख्य उद्देश्य पंजाबी भाषा, साहित्य, कला व संस्कृति का प्रचार-प्रसार करना है। इसके लिए अकादमी निरंतर अपने उद्देश्यों के अनुरूप काम कर रही है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में अकादमी की ओर से पंजाबी सरल शिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में पंजाबी भाषा सीखने, पढ़ने व लिखने के लिए 56 सेंटर चलाए जा रहे हैं। इन सेंटरों में पंजाबी भाषा सीखने के लिए हजारों की संख्या में लोग भाग ले रहे हैं। ये बातें उप्र पंजाबी अकादमी के उपाध्यक्ष इकबाल सिंह ने रविवार को अकादमी के 21वें स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर रखीं।

बताया कि इस साल अकादमी द्वारा दो फरवरी को गुरुतेग बहादुर जी महाराज के जीवन पर आधारित लाइव नाटिका ‘धर्म हेतु साका जिन किया मंचन किया गया। 24 फरवरी को जौनपुर में गुरु तेग बहादुर जी के तपोस्थान दुख निवारण पर गोमती के किनारे कीर्तन व कवि दरबार का आयोजन किया गया।

पूर्व उपाध्यक्ष सरदार हरपाल सिंह जग्गी, सहमीडिया प्रभारी अवध प्रांत सतवीर सिंह राजू समेत अन्य लोगों ने पंजाबी भाषा के प्रचार-प्रसार समेत अकादमी की गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करने को लेकर तमाम सुझाव भी रखे। समारोह को निदेशक हरिबख्श सिंह ने भी संबोधित किया। इस मौके पर पंजाबी सभ्यता व संस्कृति के प्रचार में योगदान के लिए पूर्व उपाध्यक्ष सरदार हरपाल सिंह जग्गी, सरदार नरेंद्र सिंह मोगा, सरदार निर्मल सिंह, सरदार त्रिलोचल सिंह समेत अन्य लोगों को शॉल भेंटकर सम्मानित किया गया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:lko