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300 बस कंडक्टर भर्ती मामले में क्षेत्रीय प्रबंधक तलब

पीआरडी विभाग का फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए संविदा बस कंडक्टरों की भर्ती का लगा था आरोप

मंडलायुक्त स्तर पर की गई जांच में दो प्रांतीय रक्षक दल के कर्मचारी हो चुके है निलंबित

लखनऊ। कार्यालय संवाददाता

पीआरडी जवान के नाम पर 300 बस कंडक्टर भर्ती करने के मामले में आगरा क्षेत्र के पूर्व क्षेत्रीय प्रबंधक से जवाब तलब किया गया है। प्रारम्भिक जांच में जांच अधिकारी ने क्षेत्रीय प्रबंधक को आरोपित करते हुए 26 मार्च को अपना पक्ष रखने के लिए परिवहन निगम मुख्यालय बुलाया है। क्षेत्रीय प्रबंधक अपने बचाव में कोई साक्ष्य प्रस्तुत करना चाहते है तो लिखित उत्तर देना होगा।

परिवहन निगम के प्रधान प्रबंधक (कार्मिक) जेएन सिन्हा की ओर से आठ मार्च को भेजे गए पत्र में कहा है कि बस कंडक्टर भर्ती मामले में जांच को आगे बढ़ाने के लिए क्षेत्रीय प्रबंधक अपना पक्ष प्रस्तुत करें। बीते वर्ष आगरा क्षेत्र में क्षेत्रीय प्रबंधक के पद पर तैनात रहे नीरज सक्सेना ने फर्रुरूखाबाद व बुलंदशहर डिपो में तीन सौ पीआरडी जवानों की संविदा पर बस कंडक्टर पद पर भर्ती किया था। इस मामले में शिकायतकर्ता तत्कालीन सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (वित्त) आगरा क्षेत्र प्रवीण कुमार ने मंडलायुक्त स्तर पर जांच कराई थी। जांच में पीआरडी विभाग से फर्जी प्रमाण पत्र जारी करवाने के मामले में एक पीआरडी विभाग के एक अफसर को निलंबित भी किया जा चुका है।

मंडलायुक्त ने प्रबंध निदेशक को भेजा जांच रिपोर्ट

नवंबर 2018 में आगरा मंडल के आयुक्त ने परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक को फर्जी पीआरडी जवान कंडक्टरों की भर्ती की जांच रिपोर्ट सौंपी। शुरूआती जांच में प्रांतीय रक्षक दल विभाग द्वारा जारी किए गए प्रमाण पत्र का ब्यौरा रजिस्ट्रर में दर्ज नहीं था। इस मामले में दोषी व्यायाम प्रशिक्षक सुनील कुमार सिंह राठौर व कनिष्ठ सहायक संतोष कुमार अग्रवाल को निदेशालय द्वारा निलंबित कर दिया गया था। अब इस मामले में दोषी क्षेत्रीय प्रबंधक पर कार्रवाई के लिए मंडलायुक्त ने जांच रिपोर्ट भेजकर आगे की कार्रवाई करने की बात कहीं है।

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