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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का धरना 8 फरवरी को

पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली, संविदा कर्मियों को नियमित किया जाना, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती खोला जाना जैसी विभिन्न मांगों को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने 25 नवंबर को लखनऊ के इको गार्डन में धरना प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। प्रांतीय अध्यक्ष जेएन तिवारी ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम आठ फरवरी को संपन्न होगा। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के इस कार्यक्रम के बाद कई अन्य संगठनों ने भी कार्यक्रम घोषित कर दिया। धरना प्रदर्शन कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारियों की एक समीक्षा बैठक 17 जनवरी को दारूलसफा ए ब्लॉक के कामन हाल में हो रही है जिसमें तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा एवं अग्रिम रणनीति पर पर विचार किया जाएगा । संयुक्त परिषद के अध्यक्ष तिवारी ने सभी कर्मचारियों से अनुरोध किया है कि आठ फरवरी के धरना कार्यक्रम में भागीदारी सुनिश्चित करें एवं निर्णायक आंदोलन का हिस्सा बने। आंदोलन किसी भी स्तर पर वार्ता के आधार पर नहीं रुकेगा । हमें वार्ता नहीं परिणाम चाहिए। शासन वार्ता करें या न करें कर्मचारियों की मांगों पर निर्णय होना चाहिए। यदि निर्णय नहीं हुआ तो लोकसभा के चुनाव में कर्मचारी सरकार का जमकर विरोध करेंगे ।

प्रमुख मांगें

न्यूनतम वेतन ₹21000 किया जाना, वेतन एवं भत्तों पर वेतन समिति की रिपोर्ट लागू किया जाना, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति पर 300 दिनों का अवकाश नकदीकरण दिया जाना, परिवहन विभाग के संविदा चालकों परिचालकों को समान रूप से न्यूनतम 18000 का मानदेय दिया जाना, फाइलेरिया निरीक्षक, ईसीजी टेक्निशियन , लैब टेक्नीशियन की वेतन विसंगतियां दूर जाना, आशा बहू ,आंगनबाड़ी, रसोईया ,चौकीदार, पंचायतों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों एवं दैनिक मजदूरों को कम से कम 15000 का मानदेय दिया जाना, संविदा पर कार्यरत नर्सेज को नियमित किया जाना इत्यादि मांगों को लेकर

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