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सुरेश रावत परिषद के अध्यक्ष व अतुल मिश्रा महामंत्री चुने गये

-राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का अधिवेशन मालवीय सभागार में सम्पन्न

-कर्मचारियों की समस्याओं के लिये संघर्ष जारी रखने की अपील की गई

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के द्विवार्षिक अधिवेशन में शनिवार को सुरेश कुमार रावत अध्यक्ष और अतुल मिश्र को महामंत्री पद पर फिर से निर्वाचित किया गया। इसके साथ ही वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर गिरीश चन्द्र मिश्रा और संप्रेक्षक पद पर राज कुमार पाण्डेय निर्विरोध चुने गये।

मालवीय सभागार लखनऊ विश्वविद्यालय में सम्पन्न हुए द्विवार्षिक अधिवेशन की अध्यक्षता सुरेश कुमार रावत ने की। अधिवेशन का संचालन करते हुए महामंत्री अतुल मिश्र ने दो वर्ष में किये गये कार्यो के रूप में महामंत्री की रिपोर्ट प्रस्तुत की। वित्तमंत्री ने दो वर्षों के आय और व्यय का लेखा अधिवेशन के सामने रखा। उक्त दोनो पर सदन में चर्चा हुई और आय व्यय की रिपोर्ट सर्वसम्मति से स्वीकार की गयी। अधिवेशन में मुख्य अतिथि इंडियन पब्लिक सर्विस इम्प्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीपी मिश्र ने प्रदेश के कर्मचारियों को अपनी जायज मांगो के लिए संघर्ष करते रहने पर बधाई दी। कहा कि इप्सेफ की ओर से दिल्ली में सम्पन्न संसद मार्च का परिणाम आने लगा है। उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग और संविदा कर्मचारियों के स्थायीकरण व अन्य हितों के लिए स्थायी नीति बनाने की मांग भारत सरकार से की गयी है। गृहमंत्री और वित्तमंत्री ने इस मांग पर शीघ्र निर्णय कराने का आश्वासन भी दिया है। प्रदेश मे कार्यरत कर्मचारियों की वेतन विसंगतियां, भत्तों सहित विभिन्न संवर्गो के पदों के पुनर्गठन किये जाने चाहिए।

चिकित्सा व्यय प्रतिपूर्ति प्रक्रिया पर जताई नाराजगी

अधिवेशन में मुख्य रूप से इस बात पर आक्रोश व्याप्त किया गया कि प्रदेश सरकार द्वारा कर्मचारियों की चिकित्सा व्यय प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया में जो संसोधन किया गया है वह कर्मचारियों एवं उनके परिवार के हित में नही है। शासन द्वारा गैर सरकारी चिकित्सालयों में कराई गयी चिकित्सा व्यय प्रतिपूर्ति पर रोक लगा दिया है। परिषद के प्रमुख उपाध्यक्ष सुनील यादव ने अधिवेशन में प्रस्ताव रखकर सरकार से तुरन्त उक्त आदेश वापस लेने के साथ ही कर्मचारियों की कैशलेश सुविधा को तत्काल प्रारम्भ किये जाने की मांग की।

फार्मेसिस्ट, लैब टेक्नीशियनों की वेतन विसंगति का मुद्दा उठा

अधिवेशन में फार्मेसिस्ट, लैब टेक्नीशियन एवं आप्टोमेट्रिस्ट की वेतन विसंगति का मुद्दा चर्चा मे छाया रहा। साथ ही प्रदेश के रोडवेज सहित अन्य कर्मचारियों की वेतन विसंगति दूर करने, केन्द्र के समान भत्ते दिये जाने, संविदा एवं वर्कचार्ज कर्मचारियों को नियमित किये जाने, आउटसोर्सिंग पर रोक लगाते हुए स्थाई पदो पर नियुक्तियां किये जाने, पुरानी पेंशन बहाली, संवर्गो का पुनर्गठन करने की मांग की गयी। बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष गिरीश चन्द्र मिश्रा ने परिवहन निगम के कर्मचारियों की समस्याओं संम्पन्न समझौते का अनुपालन करने की मांग की। विशिष्ट अतिथि सतीश पाण्डेय, रामराज दुबे, निगम महासंघ के अध्यक्ष मनोज मिश्र, नगर निगम महासंघ के अध्यक्ष शशि मिश्रा, डॉ. केके सचान ने मुख्य सचिव के आदेश के बावजूद विभागीय अधिकारियों द्वारा संघ के साथ नियमित बैठकें न किये जाने पर नाराजगी व्यक्त की।

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