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अच्छा वे संधि चाहते हैं! सुंदर अति सुंदर...लंकेश खुश हुआ

-पर्वतीय समाजोत्थान परिषद की ओर से इंदिरानगर में हुई रंगारंग सांस्कृतिक संध्या

-अंगद-रावण संवाद नाटिका ने रामयण के प्रसंग का सजीव प्रदर्शन किया

गुस्साये रावण का क्रोध सिर पर था। अंगद को अपने दरबार में देख बोला 'ए कीश खड़ा रह सावधान, क्यों शीश उठाए आता है। गर्वीले गर्व भरे स्वर में क्यों अंधापन दिखलाता है।' इसके बाद अंगद बोलते हैं 'क्या खूब नियम है लंका का होती न अतिथि की पहुनाई।' आमने-सामने अंगद और रावण के तीखे संवाद के बाद जब अंगद अपनी बात रखते हैं तो रावण बोतला है 'अच्छा वे संधि चाहते हैं! संदर अति सुंदर...लंकेश खुश हुआ। ' इस बोल पर खूब तालियां बजने लगती है।

इस तरह से रोचकता से भरे अंगद-रावण संवाद नाटिका का मंचन सबको प्रभावित कर गया। रावण का किरदार निभाने वाले 62 वर्षीय हीरा सिंह बिष्ट और अंगद बने किशोर पाण्डेय का अभिनय सबको आनन्दित कर गया। पर्वतीय समाजोत्थान परिषद 'पर्वताश्रम' की ओर से पांच अवध विहार निकट सेक्टर 11 इंदिरानगर के तिकोनिया पार्क बी ब्लाक में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम देर रात तक चला। कार्यक्रम की अध्यक्षता गोविन्द बल्लभ फुलारा और आयोजन महासचिव सीएम जोशी ने किया। संचालन संस्था के वरिष्ठ सदस्य सुरेश चंद्र पाण्डेय ने किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कर्नल प्रेम सनवाल, विशिष्ट अतिथि कर्नल एम.एस. नेगी और हिमाल्यन इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट के चेयरमैन दिलीप सिंह बाफिला, संरक्षक परमानन्द जोशी, पार्षद दिलीप श्रीवास्तव और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मुकेश सिंह चौहान, जवाहरभवन इंदिरा भवन कर्मचारी महासंघ के महामंत्री सुशील 'बच्चा' ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। समारोह में परिषद के सदस्यों के परिवार के मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत भी किया गया। अंगद-रावण संवाद के कलाकारों को मुख्य अतिथि ने कार्यक्रम के अंत में पुरस्कार और प्रमाण पत्र वितरित किये।

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