DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सरकारी अस्पतालों में खून की बड़ी जांचें नवम्बर से होंगी बंद

गरीब मरीजों की बढ़ेगी परेशानी

-लोहिया संस्थान ने रेफरल सेंटर बंद करने की तैयारी शुरू की

-बलरामपुर, लोहिया, सिविल, डफरिन, लोक बंधु, रानी लक्ष्मी बाई समेत नौ अन्य सरकारी अस्पतालों में चल रहा लोहिया संस्थान का ब्लड कलेक्शन सेंटर

लोहिया संस्थान ने रेफरल सेंटर बंद करने की तैयारी कर ली है। ऐसे में सरकारी अस्पतालों में होने वाली मरीजों की कैंसर, विटामिन डी-3, अर्थराइटिस, डीएनए, थॉयराइड, विटामिन डी 12, कल्चर समेत तमाम खून की महंगी जांच नवम्बर माह से बंद हो जाएंगी। इसे लेकर सरकारी अस्पताल के प्रभारियों में खलबली मची है।

सरकारी अस्पतालों में खुले लोहिया संस्थान के कलेक्शन सेंटर बंद होने से गरीब मरीजों को काफी परेशानियां झेलनी पड़ेंगी। दूर-दराज से आने वाले मरीजों को अब महंगी कीमत चुकाकर प्राइवेट डायग्नोस्टिक सेंटर से पैथोलॉजी सेंटर से जांच कराना पड़ सकता है। यूपीएचएसएसपी नेफ्रोलॉजी सेंटर के बंद करने की तारीख मुकर्रर कर दी है। बलरामपुर, लोहिया, सिविल, डफरिन, लोक बंधु, रानी लक्ष्मी बाई अस्पताल समेत राजधानी नौ अन्य सरकारी अस्पतालों में लोहिया संस्थान का ब्लड कलेक्शन सेंटर संचालित हो रहा है। इसमें 145 तरह की खून की जांचें हो रही हैं। यह जांचें अभी तक सरकारी अस्पतालों में नहीं हो रही हैं। सेंटर खोलने से गरीब मरीजों को फायदा मिला। इन सेंटरों पर मुफ्त जांच का लाभ मरीजों को मिल रहा है। तीन सितंबर तक यूपीएचपी लोहिया संस्थान के बीच करार है। करार खत्म होने के बाद यह सेंटर बंद हो जाएंगे। इसका खामियाजा गरीब मरीजों को भुगतना पड़ेगा। कैंसर, ट्यूमर, थायराइड समेत दूसरी जाचों के एवज में मरीजों को प्राइवेट डायग्नोस्टिक सेंटर में पैसे खर्च करने पड़ेंगे। अपर परियोजना निदेशक डॉ. हर्ष शर्मा ने बताया कि इस संदर्भ में उन्होंने सभी सरकारी अस्पताल के प्रभारियों को जानकारी दे दी है। सभी अस्पतालों में खुले रेफरल सेंटर के सैंपल लेने के लिए लोहिया संस्थान ने मना कर दिया है। नवम्बर माह के बाद से कोई भी सैंपल जांच के लिए लोहिया संस्थान नहीं जा सकेगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:lko