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सरकारी दावे फेल, अस्पतालों में बुखार के मरीज बढ़े

-मौसम बदलने के साथ बीमारों की संख्या अस्पतालों में बढ़ी

-फैजुल्लागंज, खदरा, मशालची टोला, नई बस्ती से आ रहे मरीज

लखनऊ। वरिष्ठ संवाददाता

स्वच्छता और एंटी लार्वा के छिड़काव के दावों के बावजूद राजधानी के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। सिविल अस्पताल, लोहिया, लोकबंधु और बलरामपुर अस्पतालों में 40 से अधिक मरीज रोजाना तेज बुखार व मलेरिया से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं। जिनकी जांचों में भी पुष्टि हो रही है।

सीएमओ की टीम हो या फिर जिला मलेरिया के अधिकारी रोजाना संक्रामक रोग फैलने वाले इलाकों का निरीक्षण कर रहे हैं। वहां लार्वा की जांच कराने के साथ एंटी लार्वा का छिड़काव भी कराया जा रहा है। इसके बावजूद राजधानी के कई इलाकों के लोग वॉयरल फीवर, टॉयफाइड और मलेरिया जैसी बीमारियों से ग्रसित होकर सरकारी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। ओपीडी से लेकर वार्डो में बुखार के मरीज दिखाई पड़ रहे हैं। सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में प्रत्येक दिन 10 से अधिक मरीज बुखार के भर्ती हो रहे हैं। ओपीडी में करीब 50 से अधिक मरीज बुखार के आ रहे हैं। लोहिया अस्पताल में 10 मरीज भर्ती हो रहे हैं। जिनमें वायरल फीवर, टायफाइड के मरीजों की तादाद अधिक है। लोकबंधु अस्पताल में करीब पांच-दस मरीज बुखार के भर्ती होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है बारिश के बाद बाद से मच्छरजनित बीमारियों की तादाद बढ़ी है। कई इलाकों से मरीज बुखार के आ रहे हैं। हालांकि अभी तक डेंगू के मरीजों की तादाद काफी कम है।

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