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महानगर के गोपालपुर में तीन घरों में मिले डेंगू के लार्वा

-31 घरों का निरीक्षण किया, सभी को बदलते मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने के लिये कहा

जिला मलेरिया अधिकारी ने महानगर स्थित गोपालपुर मोहल्ले के 31 घरों का निरीक्षण किया जिसमें से तीन घरों में मच्छर जनित रोगों को उत्पन्न करने वाले लार्वा पाए गये। जिससे डेंगू जैसी बीमारी भी फैल सकती है। उन्होंने इन तीन घरों को नोटिस जारी करते हुए आगे से सफाई रखने के निर्देश दिये हैं।

उन्होंने गंदगी और पानी के रुकने वाले स्थलों को साफ-सुधरा करने की चेतावनी भी दी है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. डीएन शुक्ला ने बताया कि मौसम परिवर्तन के कारण मच्छरों की उत्पत्ति में बढ़ोत्तरी होती है। जिससे मच्छर जनित रोग बढ़ने लगते हैं जैसे डेंगू, चिकुनगुनिया, मलेरिया और फाइलेरिया। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि बचाव के लिए वे अपने आसपास अनुपयोगी पानी जमा न होने दें। उन्होंने बताया कि डेंगू एक संक्रमित मादा एडीज नामक मच्छर के काटने से मनुष्यों में फैलने वाला एक रोग है। यह सामान्यता बुखार के रूप में उत्पन्न होता है। तेज सिरदर्द व बुखार। मासपेशियों और जोडों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, जी मचलाना व उल्टी होना, गंभीर मामलों में नाक, मुंह, मंसूढ़ों से खून आना और कभी-कभी हाथ, चेहरे व पेट पर चकत्ते डेंगू बुखार के लक्षण होते हैं। उन्होंने कहा कि अगर इस तरह के लक्षणों से कोई भी बुखार आता है तो तुरन्त निकट के स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, जिला चिकित्सालय में जाकर रक्त की जांच कराएं और आवश्यक उपचार कराएं।

यहां उत्पन्न होते मच्छर

-मच्छर घरों की छत पर रखी पानी की खुली टंकियां, टूटे वर्तन, मटके, कुल्हड, गमलों में एकत्र जल में, बेकार फेंके हुए टायरों के एकत्र जल में, बिना ढंके वर्तनों में एकत्र जल में, किचन गार्डन में रुका हुआ पानी और गमले, फूलदान, सजावट के लिए बने फव्वों में एकत्र जल में पैदा होते हैं।

सावधानी बरतें

-पानी भरे रहने वाले स्थानों पर मिट्टी का तेल या जला हुआ इंजन का तेल डालें

-सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें

-दवा के लिए डॉक्टर की सलाह अवश्य लें

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