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मई पर सड़क पर उतरेगें राजकीय वाहन चालक

-राजकीय वाहन चालक महासंघ बैठक में 11 सूत्रीय मांगों की अनदेखी पर जमकर देखी नाराजगीलखनऊ। वरिष्ठ संवाददाताउत्तर प्रदेश राजकीय वाहन चालक महासंघ ने अपनी मांगों के निस्तारण के मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव स्तर तक ज्ञापन दिया। इन मांगों को लेकर 18 जनवरी को राजधानी में शान्ति मार्च भी किया। इसके बावजूद अभी तक शासन स्तर पर न तो मांगों निस्तारण किया गया न ही कोई द्विपक्षीय वार्ता की गई। राजकीय वाहन चालक महासंघ के अध्यक्ष रामफेर पाण्डेय की अध्यक्षता दारूलशफा 93 बी में बैठक की गई। महासंघ से सम्बंध घटक संघों के अध्यक्ष और महामंत्रियों और मण्डलीय मंत्रियो की बैठक में जमकर नाराजगी जाहिर करते हुए सड़क पर उतरने और आन्दोलन करने पर जोर दिया। बैठक मे तय किया गया कि अप्रैल माह में अगर समस्या का निस्तारण नही होता तो मई माह में किसी भी समय राजकीय वाहन चालक महासंघ के बैनर तले राजकीय वाहन चालक सड़क पर उतर जाएगें। बैठक का संचालन करते हुए महामंत्री मिठाई लाल और आल इण्डिया गवर्नमेन्ट ड्राइवर फेडरेशन के सलाहकार प्रमोद कुमार नेगी भी मौजूद रहे। प्रमुख मांगेंराजकीय वाहन चालकों को मौलिक नियुक्ति का ग्रेड वेतन 1900 के स्थान पर 2000 रूपये किया जायेउत्तराखण्ड सरकार की भाति राजकीय वाहन चालकों की प्रतिशत व्यवस्था को समाप्त करनेस्टाफ कार चालक पदोन्नति स्कीम से अनुपात हटाया जाय

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