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25 फरवरी, 2020|2:59|IST

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जिंदगी को सलीके से जीना एक कला है:डॉ अर्चना शुक्ला

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अवध गर्ल्स डिग्री कॉलेज में तहरीम दास मेमोरियल व्याख्यान का हुआ आयोजनलखनऊ। निज संवाददाताबहुमुखी प्रतिभा की धनी, चुम्बकीय व्यक्तित्व व कर्मठ समाजसेवी के तहरीम दास ने क्षय रोगियों एवं कुष्ठ रोगियों के कल्याण की दिशा में भी विशेष योगदान दिया। समर्पण भाव के साथ समाज सेवा में लगे रहने के कारण सन 2013 में इन्हें लखनऊ मैनेजमेंट एसोसिएशन की ओर से लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। ये बातें अवध गर्ल्स कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ उपमा चतुर्वेदी ने कहीं। अवध गर्ल्स डिग्री कॉलेज में शनिवार को इंस्टीट्यूट फॉर करियर स्टडीज की ओर से पांचवें तहरीम दास स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट की निदेशक डॉ अर्चना शुक्ला ने कहा कि अब समय है कि हम जीवन को सही अर्थों में समझें। जिंदगी को सलीके से जीना एक कला है। जीवन में सब कुछ हासिल कर लेने के बाद भी कुछ न कुछ बचा रह ही जाता है तो जीवन चीजों के पीछे भागने का नाम नहीं है बल्कि जीवन अपने वर्तमान समय में रहते हुए उसके हर पल का आनन्द उठाने का नाम है। इसके बाद अमृता दास ने तहरीम दास से जुड़ी बातों को साझा किया। कार्यक्रम में डीन ऑफ स्टूडेंट्स डॉ सीमा सिंह कटियार ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर छात्राओं समेत शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।

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  • Web Title:Living life well is an art Dr Archana Shukla