मोबाइल और जंक फूड बच्चों का लिवर कर रहा बीमार
लिवर जागरूकता दिवस पर केजीएमयू की ओपीडी में आए बच्चों में से 50% फैटी लिवर से प्रभावित पाए गए। बदलती जीवनशैली, जंक फूड का सेवन और बढ़ता स्क्रीन टाइम इसके मुख्य कारण हैं। पिछले एक साल में 280 बच्चों ने लिवर संबंधी समस्याओं का इलाज कराया, जिसमें 5 से 13 आयु वर्ग के बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हुए।

लिवर जागरूकता दिवस आज -केजीएमयू की ओपीडी में आने वाले 10 में 5 बच्चे फैटी लिवर की चपेट में, जांच में 50 फीसदी बच्चों में फैटी लिवर, बाकी का लिवर ठीक पाया गया-पीडियाट्रिक विभाग में एक साल में 280 बच्चे पहुंचेलखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता।बदलती जीवनशैली और मोबाइल की बढ़ती लत बच्चों की सेहत पर सीधा हमला कर रही है। अस्पतालों की ओपीडी में आने वाले हर 10 में से 5 बच्चे फैटी लिवर के शिकार मिल रहे हैं। जंक फूड, घंटों स्क्रीन टाइम और खेलकूद से दूरी बच्चों का लिवर बीमार कर रही है। यह चौकाने वाले तथ्य केजीएमयू पीडियाट्रिक व गेस्ट्रोमेडिसिन विभाग के सर्वे रिपोर्ट में सामने आए हैं।केजीएमयू
गेस्ट्रोमेडिसिन व पीडियाट्रिक विभाग की ओपीडी में पिछले एक साल में 280 बच्चे लिवर संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए पहुंचे। इनमें से लगभग 50 प्रतिशत बच्चों में फैटी लिवर की पुष्टि हुई, जबकि बाकी बच्चों का लिवर सामान्य पाया गया। पांच से 13 आयु वर्ग के बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। इस उम्र में शारीरिक गतिविधियों में कमी और खान-पान की गलत आदतें मुख्य कारण बन रही हैं। बच्चों का अधिक समय मोबाइल, टीवी या अन्य स्क्रीन पर बीत रहा है, जिससे उनकी दिनचर्या पूरी तरह बदल गई है। ओपीडी में आए माता-पिता से डॉक्टरों ने बच्चों की दिनचर्या आदि पर आधारित सवाल पूछे। लगभग 70 प्रतिशत माता-पिता ने माना कि उनके बच्चे हर दूसरे दिन फास्ट फूड का सेवन करते हैं। इसके साथ ही बच्चे रोजाना औसतन तीन से चार घंटे मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। खेल-कूद और आउटडोर गतिविधियों में कमी के कारण मोटापा बढ़ रहा है, जो फैटी लिवर की बड़ी वजह बन रहा है।गेस्ट्रो मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुमित रूंगटा ने बताया कि यदि बच्चों की जीवनशैली में समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो आगे चलकर लिवर से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। सही खान-पान और सक्रिय दिनचर्या अपनाकर बच्चों को फैटी लिवर जैसी समस्या से काफी हद तक बचाया जा सकता है।पीडियाट्रिक विभाग की डॉ. सारिका गुप्ता ने बताया कि जंक फूड और तला-भुना भोजन शरीर में अतिरिक्त फैट जमा होकर लिवर पर असर डालता है। मोबाइल और स्क्रीन टाइम बढ़ने से बच्चों की शारीरिक गतिविधियां घट रही हैं। मोटापा बढ़ रहा है।लक्षणपेट के ऊपरी हिस्से में हल्का दर्द या भारीपनथकान और कमजोरी महसूस होनाभूख में कमीवजन बढ़ना या मोटापाकभी-कभी उल्टी या मतलीबचाव के उपायबच्चों का स्क्रीन टाइम सीमित करेंरोजाना कम से कम एक घंटा खेल-कूद या शारीरिक गतिविधि जरूरीजंक फूड और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाएंसंतुलित आहार में फल, सब्जियां और प्रोटीन शामिल करेंस्वास्थ्य की नियमित जांच कराएं
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