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लखनऊ

वेंटिलेटर पर भर्ती गर्भवती का सामान्य प्रसव कराकर बचाई जान

हिन्दुस्तान टीम,लखनऊPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 03:02 AM
वेंटिलेटर पर भर्ती गर्भवती का सामान्य प्रसव कराकर बचाई जान

-एक महीने चला वेंटिलेटर पर इलाज

-गुर्दों भी काम करना बंद कर दिए थे

-12 डॉक्टरों की टीम कर रही थी सेहत की निगरानी

लखनऊ। वरिष्ठ संवाददाता

केजीएमयू के 12 डॉक्टरों की टीम ने एक महीने से वेंटिलेटर पर भर्ती गर्भवती महिला की जान बचाने में कामयाबी हासिल की है। गर्भवती के पेट में ही शिशु दम तोड़ चुका था। महिला के गुर्दे फेल हो चुके थे। सांस लेने में भी काफी तकलीफ थी। फेफड़े भी ठीक से काम नहीं कर रहे थे। डॉक्टरों की टीम न सामान्य प्रसव कराकर महिला को नई जिंदगी दी है। केजीएमयू का दावा है कि डायलिसिस पर रहते हुए गर्भवती का सामान्य प्रसव कराने का प्रदेश में पहला मामला है।

फर्रूखाबाद निवासी गर्भवती निधि (23) को स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग (क्वीनमेरी) में गंभीर अवस्था में भर्ती कराया गया। गर्भवती को सांस लेने में दिक्कत थी। इमरजेंसी में डॉक्टरों ने जांच कराई। जांच में गुर्दे फेल मिले। फेफड़े भी ठीक से काम नहीं कर रहे थे। केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह के मुताबिक गर्भवती के शरीर में एसिड का निर्माण अधिक हो रहा था। चिकित्सा विज्ञान में इसे मेटाबॉलिक एसिडोसिस कहते हैं। तमाम दिक्कतों की वजह से गर्भवती का शिशु पेट में ही दम तोड़ चुका था।

इलाज के बावजूद गर्भवती की तबीयत लगातार बिगड़ती गई। आखिर में उसे वेंटिलेटर व वैसोप्रेसर सपोर्ट पर रखा गया। गुर्दे फेल होने से मरीज की लगातार डायलिसिस की जा रही थी। इसी दौरान डॉक्टरों ने सामान्य प्रसव कराने का फैसला किया। डॉक्टरों की टीम ने प्रक्रिया पूरी कराई। निधि से सामान्य प्रसव के माध्यम से मृत शिशु को जन्म दिया।

प्रसव के बाद शुरू हुआ तबीयत में सुधार

क्वीनमेरी की प्रवक्ता डॉ. रेखा सचान ने बताया कि प्रसव के बाद गर्भवती की तबीयत में सुधार शुरू हुआ। धीरे-धीरे गुर्दों ने भी काम करना शुरू किया। फेफड़ों की सेहत में भी सुधार हुआ। करीब एक महीने बाद वेंटिलेटर हटाकर सामान्य वार्ड में भर्ती किया गया। उन्होंने बताया कि तबीयत में सुधार के बाद महिला की छुट्टी कर दी गई है।

ये है डॉक्टरों की टीम

क्वीनमेरी की विभागाध्यक्ष डॉ. उमा सिंह, डॉ. रेखा सचान, डॉ. नम्रता, मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र आतम, डॉ. मेघावी गौतम की देख-रेख में इलाज हुआ। क्रिटिकल केयर विभाग के अध्यक्ष डॉ. अविनाश अग्रवाल, डॉ. आर्मिन, डॉ. नबील, डॉ. सुलेखा, डॉ. सुहैल, डॉ. सौमित्र, डॉ. साई सरन टीम में शामिल रहे।

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