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घूस देने के बाद ठेकेदार ने नगर निगम में मचाया हंगामा

कहा लेखाधिकारी को दिया था 60 हजार रुपए घूस, फिर भी नहीं बनाया चेक

लखनऊ। प्रमुख संवाददाता

नगर निगम में चल रहे कमीशनबाजी व घूस को लेकर बुधवार को यहां के एक ठेकेदार ने काफी हंगामा किया। पहले ठेकेदार ने लेखाधिकारी कार्यालय में हंगामा किया। कर्मचारियों के साथ गाली गलौज की। फिर वह अपर नगर आयुक्त मनोज कुमार के कमरे में आ गया। यहां भी उसने जोर जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। ठेकेदार का कहना था कि उसने जो काम कराया था उसके भुगतान के लिए वरिष्ठ वित्त एंव लेखाधिकारी को 60 हजार रुपए की घूस दी थी। इसके बावजूद उसकी चेक नहीं बनायी गयी। ठेकेदार ने नगर निगम में 40 प्रतिशत से ज्यादा कमीशन चलने की बात कही।

नगर निगम का ठेकेदार सुभाष सेठी मार्ग प्रकाश विभाग में ठेकेदारी करता है। वह गोपाल इन्टर प्राइजेज कम्पनी के नाम से काम करता है। बुधवार की दोपहर वह नगर निगम के लेखा विभाग पहुंचा। यहां उसने हंगामा शुरू कर दिया। पहले लेखा विभाग के कर्मचारियों के साथ कहा सुनी हुई। लेखा के कर्मचारियों ने ठेकेदार पर गाली गलौज करने का आरोप लगाया। यहां के बाद वह सीधे प्रभारी नगर आयुक्त मनोज कुमार के कक्ष में पहुंच गया। मनोज कुमार के सामने ही उसने पूर्व लेखाधिकारी को 60 हजार रुपए घूस देने की बात कहने लगा। वह यहां जोर जोर से चिल्लाने लगा। ठेकेदार ने कहा कि 31 प्रतिशत कमीशन केवल मार्ग प्रकाश विभाग के इंजीनियर व कर्मचारी ले लेते हैं। बाकी का 10 प्रतिशत कमीशन नगर आयुक्त व अन्य अधिकारियों को जाता है। पांच प्रतिशत कमीशन अलग से लेखाधिकारी चेक बनाने के लिए लेते हैं। ठेकेदार के हंगामे की सूचना नगर निगम के कुछ कर्मचारियों ने पुलिस को दे दी। लेकिन पुलिस के आने से पहले ही वह मौके से चला गया। सुभाष ने कहा कि उसने पेट का आपरेशन कराया है। पेट में कई टांके लगे हैं। घूस लेने के बाद भी लेखाधिकारी ने चेक नहीं बनाया।

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जिन पर घूस का आरोप लगाया उनका हुआ तबादला

ठेकेदार ने जिस वरिष्ठ वित्त एवं लेखाधिकारी पर घूस का आरोप लगाया है उनका पिछले सप्ताह तबादला हो गया था। उनकी जगह नए लेखाधिकारी आ गए हैं। हालांकि जब तक वह नगर निगम में थे तब तक ठेकेदार ने किसी से कुछ नहीं कहा। उनके जाने के बाद बुधवार को उसने आरोप लगाना शुरू किया।

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घूस लेना व देना दोनों अपराध है। ठेकेदार ने यह मामला लेखाधिकारी के तबादले के बाद उठाया है। इससे पहले उसने घूस की बात नहीं कही। अगर ऐसी कोई बात थी तो पहले उनके सामने कहना था। लिखित शिकायत करनी चाहिए थी। अब उनके जाने के बाद इस तरह का आरोप लगा रहा है। मामले को दिखवाया जाएगा।

मनोज कुमार, प्रभारी नगर आयुक्त

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