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गोमतीनगर विस्तार में 15 साल बाद हटा पार्क, सड़क व 26 प्लाट से कब्जा

गोमती नगर में एलडीए की बड़ी कार्रवाई, आवंटियों में खुशी, एलडीए ने रोड बनाना शुरू किया, किसानों ने किया विरोध, हंगामा

लखनऊ प्रमुख संवाददाता

लखनऊ विकास प्राधिकरण की टीम ने गुरुवार को गोमती नगर विस्तार में बड़ी कार्रवाई की। यहां करीब 15 साल से जमीन पर पार्क, सड़क व 26 प्लाटों पर हुआ कब्जा खाली करा दिया। इसको लेकर यहां काफी विरोध व हंगामा हुआ। लेकिन प्राधिकरण का दस्ता पीछे नहीं हटा। कब्जा हटाने के साथ ही एलडीए ने यहां सड़क बनाने का काम भी शुरू करा दिया।

गोमती नगर विस्तार के सेक्टर चार में एलडीए की करीब साढ़े चार बीघे जमीन पर जमीन पर कब्जा था। कब्जे वाली जमीन पर एलडीए के 26 प्लाट आवंटित थे। यहां एलडीए ने एक बड़ा पार्क भी प्रस्तावित कर रखा था। कब्जे की वजह से रोड भी नहीं बन पा रहा था। एलडीए ने इसे खाली कराने के लिए कई दिनों से तैयारियां कर रखी थीं। गुरुवार को नजूल अधिकारी विश्व भूषण मिश्र के नेतृत्व में पहुंचे प्राधिकरण के दस्ते ने इसे खाली कराना शुरू किया। दस्ते ने यहां बनी बाउण्ड्रीवाल व अन्य निर्माण ध्वस्त कर दिए। इसी के साथ ही यहां सड़क बनाने का काम भी शुरू करा दिया गया। हलाकि कब्जेदार देवेश यादव का दावा है कि यह उनकी पुश्तैनी जमीन है। उन्होंने जमीन का मुआवजा नहीं लिया है। इस जमीन को बोर्ड ने उनके पक्ष में छोड़ भी दिया था। उन्होंने कहा कि इसका मामला अदालत में विचाराधीन है। इसके बावजूद प्राधिकरण ने निर्माण तोड़ दिया। एलडीए उपाध्यक्ष प्रभु एन सिंह के निर्देश पर पहुंचे प्राधिकरण यहां पहुंचते ही कब्जा तोड़ना शुरू कर दिया। जैसे भी मशीनें लगाकर सड़क बनाने की कार्रवाई भी शुरू देवेश यादव ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने यहां विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। लेकिन मौके पर भारी संख्या में पीएसी व पुलिस बल उपलब्ध होने की ज्यादा देर विरोध नहीं चल सका। एलडीए के नजूल अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा पूरे समय मौके पर ही कुर्सी डालकर बैठे रहे। एसीएम अमित कुमार भी मौके पर डटे हुए थे। शाम तक अधिकारियों ने यहां का काफी कब्जा हटा दिया अधिकारियों ने कहा कि जल्दी ही आवंटियों को उनके प्लॉटों का कब्जा मिल जाएगा।

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कई दिनों पहले की थी तैयारी

एलडीए ने यहां से कब्जा हटाने की तैयारी कई दिनों पहले से कर रखी थी। इसकी भनक किसी को नहीं लगने दी। क्योंकि अधिकारियों को पता था कि अगर लोगों को पहले से जानकारी हो गई तो कब्जा नहीं हटाने में दिक्कतें आएंगी। भारी विरोध हो सकता है। अधिकारी गुरुवार को अचानक यहां पीएसी के साथ पहुंचे। जब तक लोग कुछ समझ पाते तब तक उन्होंने यहां तोड़फोड़ शुरू कर दी। एलडीए ने यहां 26 आवंटियों को 200 से लेकर 300 वर्ग मीटर के भूखंड आवंटित किए हैं। करीब 400 मीटर सड़क भी फंसी हुई थी।

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इस जमीन को एलडीए ने अधिग्रहित कर रखा है। इस पर आवंटियों को प्लाट आवंटित हैं। अवैध कब्जा होने की वजह से आवंटियों को उनके प्लाट का कब्जा नहीं मिल पा रहा था। हाईकोर्ट ने अवैध कब्जा हटाकर आवंटियों को उनके प्लाट का कब्जा दिलाने का आदेश दिया है। जिसके चलते यह कार्रवाई की गयी। जिस 106 वर्ग मीटर जमीन पर डीएपी स्कूल बना है उसे छोड़ दिया गया है। इस पर हाईकोर्ट का स्टे है। बाकी की जमीन पर कोई स्टे नहीं है।

प्रभु एन सिंह, उपाध्यक्ष, एलडीए

एलडीए ने हमारे साथ बहुत ज्यादती की है। हमने जमीन का मुआवजा आज तक नहीं लिया है। इस का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। विधान परिषद की याचिका समिति में भी चल रहा है। एलडीए ने कब्जा हटाने के लिए ना तो कोई नोटिस दी और ना ही कोई जानकारी। प्राधिकरण ने हमें बर्बाद कर दिया है। एलडीए बोर्ड ने पहले मेरे पक्ष में जमीन छोड़ने का निर्णय लिया था लेकिन बाद में इसे दोबारा वापस ले लिया गया। एलडीए हाईकोर्ट के आदेशों को भी नहीं मान रहा है।

देवेश यादव, ग्राम प्रधान, गोमती नगर विस्तार

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