class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

तहस नहस होता जा रहा है पुराने लखनऊ का घंटाघर पार्क

सपा सरकार में पुराने लखनऊ में हुआ सुन्दरीकरण अब तहस नहस हो रहा है। घंटाघर का क्षेत्र हो या फिर शीशमहल का एरिया। इनके परिसर बाजार और खेल के मैदान में तब्दील हो गए हैं। सुन्दरीकरण के 50 प्रतिशत कामों की रंगत उड़ चुकी है। बची चीजें भी बर्बादी की तरफ हैं। विकास कराने वाले एलडीए की प्लानिंग में खामी की वजह से यह स्थिति हुई है। भले ही अफसरों को यह सब नहीं दिख रहा है लेकिन कैबिनेट मंत्री आशुतोष टण्डन गोपालजी को जरुर यह बर्बादी दिखी है। उन्होंने इन एतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करने के लिए प्रमुख सचिव आवास मुकुल सिंघल से बात की है तथा इसके लिए तत्काल कार्रवाई करने को कहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सपा सरकार में पुराने लखनऊ का सुन्दरीकरण कराया था। इसके नाम पर यहां 150 करोड़ से ज्यादा रकम खर्च की गयी। सुन्दरीकरण के बाद यहां भीड़ तो बढ़ गयी है लेकिन बदहाली भी शुरू हो गयी। पूरा घंटाघर पार्क खेल के मैदान में बदल गया है। सुबह होते ही आस पास के बच्चे क्रिकेट खेलना शुरू कर देते हैं जो शाम तक जमें रहते हैं। दो टीमें जाती हैं तो चार और आ जाती हैं। बची खुची जगह ठेले व खुमचे वालों ने हथिया लिया है। इससे यह संरक्षित धरोहर परिसर मछली बाजार जैसा बन कया है। खेलने वाले बच्चे अपने हिसाब से तोड़ फोड़ कर रहे हैं। ऐसी हालत देख पर्यटक भी आने से कतराने लगे हैं। शौचालय की टोटियां व अन्य सामान कई बार गायब हो चुके हैं। पुराने लखनऊ के अलावा शहर के अन्य हिस्से से आने वाले लोग भी यहां का नजारा देखकर अब वापस चले जाते हैं।

-----------------------------------------

सही प्लानिंग नहीं कर पाया एलडीए

एलडीए ने पुराने लखनऊ के विकास की सही प्लानिंग नहीं की। घंटाघर के आस पास जो भी पार्क बनवाए उसमें ऊंची रेलिंग नहीं लगवायी। जिसकी वजह से ही लोग बेरोक टोक अन्दर आते जाते हैं। अन्दर बाहर दुकानें लग रही हैं। अगर रेलिंग व गेट होता तो दुकानदार प्रवेश न कर पाते।

---------------------

कैबिनेट मंत्री आशुतोष टण्डन ने की प्रमुख सचिव आवास से बात

आशुतोष टण्डन के निर्देश के बाद प्रमुख सचिव आवास ने इस सम्बंध में एलडीए अधिकारियों को निर्देश दिया। जिसके बाद एलडीए उपाध्यक्ष प्रभु एन सिंह ने इन धरोहरों को सुरक्षित करवाने तथा अधूरे कामों को पूरा कराने के लिए कमेटी बनायी है। एलडीए सचिव जयशंकर दुबे की अध्यक्षता में बनी कमेटी वित्त नियंत्रक, मुख्य अभिययन्ता, अधिशासी अभियन्ता तथा अधीक्षण अभियन्ता शामिल हैं। कमेटी अधूरे कामों को पूरा कराने तथा रेलिंग के खर्च का आंकलन कर अपनी रिपोर्ट देगी।

-----------------------

सुन्दरीकरण के नाम पर पुराने लखनऊ की एतिहासिक धरोहरों का अपमान किया गया। घंटाघर के आस पास ऐसा काम कराया गया कि सब पर कब्जा हो गया है। पूरे घंटाघर परिसर में दुकानें लग रही हैं। खेल का मैदान बन गया है। हमने प्रमुख सचिव आवास से इन धरोहरों को सुरक्षित रखने के लिए रेलिंग लगवाने को कहा है। जरुरत हो तो परिसर में प्रवेश के लिए मामूली टिकट भी लगाया जाए।

आशुतोष टण्डन, कैबिनेट मंत्री, चिकत्सा एवं प्राविधिक शिक्षा

शासन के निर्देश के बाद यहां के कामों के आंकनलन के लिए कमेटी बनायी गयी है। कमेटी परीक्षण कर रही है। मंत्री के सुक्षाव पर यहां रेलिंग लगवाने पर भी विचार हो रहा है। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद जरुरी काम शुरू होगा।

जयशंकर दुबे, सचिव, एलडीए

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:lda
शराब की बोतलों पर अंकित मूल्य से ज्यादा वसूले जाने पर आबकारी मंत्री नाराजबाल दिवस पर बच्चों ने मेट्रो में की यात्रा