लोहिया संस्थान में अधिवक्ताओं का हंगामा, गलत इंजेक्शन लगाने और थप्पड़ मारने का आरोप
Lucknow News - एक महिला अधिवक्ता ने अपनी छोटी बहन को डिहाईड्रेशन की समस्या के कारण लोहिया संस्थान की इमरजेंसी में ले गई। मेडिकल स्टाफ पर गलत इंजेक्शन लगाने, थप्पड़ मारने और मारपीट करने का आरोप लगाया। कई अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने मामले में सुरक्षा कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज किया है और जांच जारी है।

डिहाईड्रेशन की शिकायत होने पर एक महिला अधिवक्ता अपनी छोटी बहन को शनिवार रात लोहिया संस्थान की इमरजेंसी में ले गई। महिला अधिवक्ता ने मेडिकल स्टाफ पर गलत तरीके से इंजेक्शन लगाकर हाथ जख्मी करने, विरोध पर थप्पड़ जड़ने, सुरक्षा कर्मियों द्वारा मारपीट, अभद्रता कर कपड़े फाड़ने का आरोप लगाया। सूचना पर कई अन्य अधिवक्ता पहुंचे और कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इमरजेंसी के ट्रायज एरिया में रात देत तक अफरा-तफरी रही। सोशल मीडिया पर वीडियो भी वायरल हो गया। हालांकि हिन्दुस्तान वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। विभूतिखंड पुलिस ने महिला अधिवक्ता की तहरीर पर सुरक्षाकर्मी और कुछ अज्ञात पर केस दर्ज किया है।
वहीं, संस्थान के सुरक्षा प्रभारी की तहरीर पर जांच कर रही है। इंस्पेक्टर विभूतिखंड अमर सिंह के मुताबिक महिला अधिवक्ता इंदिरानगर की रहने वाली हैं। उन्होंने तहरीर देकर बताया किया छोटी बहन को शनिवार रात डिहाईड्रेशन की दिक्कत हुई। उसे लेकर रात लोहिया संस्थान की इमरजेंसी पहुंची। डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने हाथ में इंजेक्शन लगाने के लिये महिला स्वास्थ्यकर्मी को कहा। महिला स्वास्थ्य कर्मी इमरजेंसी में इंजेक्शन लगा रही थी। उसने कई बार बहन के हाथ में इंजेक्शन लगाया। इसके बाद नस न मिलने की बात कहकर सुई निकाल लेती। इस तरह से बहन का हाथ जख्मी हो गया। बहन ने ऐतराज किया तो उसने कुल्हे में इंजेक्शन लगाया। बहन को दर्द शुरू हो गई। गलत इंजेक्शन लगाने का विरोध किया तो बहस बढ़ने लगी। इस पर महिला डॉक्टर ने थपप्पड़ जड़ दिया। विरोध पर धक्का मुक्की शुरू कर दी। सुरक्षा कर्मी पिंकी और अन्य लोग आ गए। उन्होंने हाथापाई शुरू कर दी। अभद्रता की और कपड़े फाड़ दिए। स्वास्थ्यकर्मियों, डॉक्टरों व सुरक्षा गार्डों ने पीटा, मोबाइल तोड़ दिया। महिला अधिवक्ता ने अपने परिचितों को फोन कर जानकारी दी। सूचना मिलते ही कई अन्य अधिवक्ता आ गए। उन्होंने कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन और हंगामा शुरू कर दिया। बवाल बढ़ता देख पुलिस पहुंची। पुलिस ने आक्रोशित लोगों को समझाकर शांत कराया। इंस्पेक्टर ने बताया कि महिला अधिवक्ता की तहरीर पर सुरक्षाकर्मी पिंकी और कुछ अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वहीं, संस्थान के सुरक्षा प्रभारी महिला अधिवक्ता समेत अन्य लोगों को खिलाफ तहरीर दी है। उनकी तहरीर पर जांच की जा रही है।वीडियो से साक्ष्य जुटा रही पुलिस :इंस्पेक्टर ने बताया कि वायरल वीडियो से पुलिस घटना से जुड़े साक्ष्यों का संकलन कर रही है। वीडियो में महिला अधिवक्ता स्कूटी में लगा हेलमेट निकालकर सुरक्षा कर्मियों पर चलाती हुई दिख रही हैं। वहीं, संस्थान की इमरजेंसी में सुरक्षा कर्मियों द्वारा धक्का मुक्की की गई है। सभी साक्ष्यों को संकलन किया जा रहा है। उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। ट्रायज एरिया में हुआ जमकर हंगामालोहिया संस्थान के सीएमएस डॉ. विक्रम सिंह का कहना है कि इमरजेंसी में इलाज कराने आयी युवतियों के साथ स्टाफ की ओर से कोई मारपीट नहीं की गई है। इनके आरोप बेबुनियाद हैं। उल्टा युवतियों ने परिचित युवकों को बुलाया। इन युवकों ने ट्रायज एरिया में जमकर हंगामा किया है। स्टाफ व डॉक्टरों के साथ बदसलूकी की। गार्डों के साथ मारपीट की है। सीसी कैमरे में पूरी घटना कैद है। कोट :मरीज की महिला तीमारदार ने ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स के साथ दुर्व्यवहार किया, हाथापाई की। इसके बाद मरीज के तीमारदारों ने अन्य लोगों को भी बुला लिया और अस्पताल परिसर में हंगामा किया। ड्यूटी पर तैनात एक सुरक्षा गार्ड के साथ भी हाथापाई की। घटना के संबंध में विभूतिखंड थाने में तहरीर दी गई है। संस्थान द्वारा पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच भी कराई जा रही है तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।डॉ. विक्रम सिंह, सीएमएस, लोहिया संस्थान
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