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लारी में इलाज पटरी पर डॉक्टर दहशत में, एसएसपी से मिले

- 14 घंटे की हड़ताल के बाद पटरी पर आने लगी व्यवस्था - कुलपति की अगुवाई में एसएसपी से मिला डॉक्टरों का प्रतिनिधिमंडल लखनऊ। निज संवाददाता केजीएमयू के लारी कॉर्डियोलॉजी में मरीजों का इलाज पटरी पर आ रहा है। हालांकि, डॉक्टर से लेकर रेजिडेंट व कर्मचारी 13 जुलाई की घटना को लेकर दहशत में हैं। डॉक्टरों और कर्मचारी की सुरक्षा के लिए पुलिस व पीएसी एहतियातन तैनात है। पुख्ता सुरक्षा और पुलिस के साये में डॉक्टर मरीजों को बेहतर इलाज देने की कोशिश में जुटे हुए हैं। डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर कुलपति की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल एसएसपी से मिला। एक समारोह में मुख्यमंत्री ने भी इस बात पर चिंता जताते हुए कहा कि मरीजों और डॉक्टरों के बीच बेहतर संवाद स्थापित नहीं हो पा रहा है। एसएसपी से मिले डॉक्टर लारी में हुए बवाल और आए दिन होने वाली घटनाओं, मारपीट से डॉक्टरों को सुरक्षा मुहैया कराने के नजरिये से डॉक्टरों का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार को एसएसपी कलानिधि नैथानी से मिला। प्रतिनिधिमंडल में कुलपति डॉ. एमएलबी भट्ट, सीएमएस डॉ. एसएन शंखवार, प्रॉक्टर आरएएस कुशवाहा, ट्रॉमा प्रभारी डॉ. संदीप तिवारी आदि रहे। सप्रू मार्ग स्थित एसएसपी आवास और कैंप कार्यालय पर रविवार सुबह साढ़े 10 बजे डॉक्टरों ने मिलकर अपनी बात रखी। मांग के मुताबिक एसएसपी ने डॉक्टरों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। तय हुआ है कि लारी कॉर्डियोलॉजी और ट्रॉमा सेंटर के बीच में एक क्यूआरटी हमेशा मुस्तैद रहेगी। लारी में एक पुलिस चौकी बनेगी। मेडिकल कॉलेज चौराहे से ट्रॉमा सेंटर, शताब्दी के बाहर तक यातायात व्यवस्था सुधार के लिए ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी लगाने के लिए एएसपी ट्रैफिक को निर्देशित भी किया गया। भर्ती होने लगे मरीज, इमरजेंसी रही फुल लारी में खदरा निवासी सायरा की शुक्रवार देर रात मौत के बाद तीमारदारों के साथ अन्य लोगों ने खूब हंगामा किया था। इस वजह से नाराज डॉक्टरों, स्टाफ ने कामकाज ठप कर दिया था। करीब 14 घंटे तक कामकाज शनिवार को ठप रहा था। जब पुलिस और पीएसी की तैनाती का आश्वासन मिला तो डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया। रविवार होने की वजह से इमरजेंसी सेवा ही संचालित की गई। इमरजेंसी में इलाज शुरू होते ही सारे बेड भर गए। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ से लारी में लगाई गई पुलिस और पीएसी की सुरक्षा के बीच मरीजों को बेहतर इलाज दिया। लारी की इमरजेंसी में रोजाना 80 से 120 गंभीर मरीजों को इलाज दिया जाता है। वर्जन लारी में पुलिस बल तैनात है। रविवार होने की वजह से ओपीडी नहीं थी। इमरजेंसी में आने वाले सभी मरीजों को इलाज दिया जा रहा है। सभी डॉक्टर, कर्मचारी पूर्व की तरह ही काम कर रहे हैं। सोमवार को ओपीडी, इमरजेंसी और मरीजों के ऑपरेशन किए जाएंगे। डॉ. संदीप तिवारी, प्रवक्ता, केजीएमयू

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