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लैब टेक्नीशियन चिकित्सा की रीड़- डॉ. महेन्द्र सिंह

लखनऊ। निज संवाददाता लैब टेक्नीशियन चिकित्सा की रीढ़ हैं। बगैर लैब टेक्नीशियन के बेहतर इलाज की उम्मीद नहीं की जा सकती है। बेहतर इलाज के लिए जांच जरूरी है, खून की जांच के बिना तो इलाज किया ही नहीं जा सकता है। इतने महत्वपूर्ण कर्मचारियों की मांगों को सरकार गंभीरता से विचार करेगी। यह बातें स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह ने कहीं। वह शनिवार को गांधी भवन में यूपी लैब टेक्नीशियन एसोसिएशन के अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि लैब टेक्नीशियन की वेतन विसंगति का मसला जल्द ही निपटाया जाएगा। साथ ही अस्पतालों में जो भी लैब टेक्नीशियन के पद खाली पड़े हैं उन्हें भरा जाएगा। नए अस्पताल में लैब टेक्नीशियन के पदों भी सृजित होंगे। इसके लिए जिम्मेदार लोगों को वरीयता दी जाएगी। एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश रावत ने कहा कि प्रयोगशाला सहायक ग्राम्य की सही तैनाती की जाए। उन्होंने टेक्नीशियन को काई व्यवस्था न उपलब्ध कराए जाने पर चिंता जताई। प्रवक्ता सुनील कुमार ने कहा कि सरकारी अस्पतालों लैब टेक्नीशियन के पद काफी पद खाली भी पड़े हैं मरीजों का दबाव व जांच की बढ़ती संख्या से टेक्नीशियन की जरूरत में भी इजाफा होना चाहिए पर सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। जिसके चलते काम करने में दुश्वारियां हो रही है। टेक्नीशियन पर काम का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बताया कि खून की जांच बेहद संवेदनशील होती है जरा सी चूक से मरीज की जान जोखिम में पड़ सकती है। टेक्नीशियन मरीजों की सेवा में जी जान से जुटे हैं इसके बावजूद सरकार हमारी मांगों को नजरअंदाज कर रही है। एसोसिएशन के सदस्य कमल श्रीवास्तव ने कहा कि मरीजों की संख्या अस्पतालों में लगातार बढ़ रही है। अधिक से अधिक लोगों तक सुविधा का लाभ पहुंचाने के लिए टेक्नीशियन दिन और रात जुटे हुए हैं सरकार को भी हमारी मेहनत पर ध्यान देने की जरूरत है।

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  • Web Title:lab technician