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ला मार्ट्स गर्ल्स : मनमानी फीस बढ़ोतरी पर लगी रोक, मांगा जवाब

ला मार्टीनियर गर्ल्स कॉलेज की मनमानी फीस बढ़ोतरी पर रोक लगा दी गई है। आपके अपने प्रिय अखबार ‘हिन्दुस्तान’ ने बुधवार के अंक में स्कूल प्रशासन द्वारा मनमानी फीस बढ़ोतरी का खुलासा किया था। जिसको संज्ञान में लेते हुए यह कार्रवाई की गई है। स्कूल प्रशासन ने फीस में 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। इसे पिछले शैक्षिक सत्र 2018-19 से लागू किया गया है। अभिभावकों को नोटिस थमाकर पिछले एक साल का एरियर जमा करने का फरमान जारी किया गया।
यह पहली बार है जब प्रदेश सरकार के स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम 2018 के प्रावधानों के तहत किसी स्कूल पर कार्रवाई की गई है। 
जिला शुल्क नियामक समिति के सदस्य सचिव व जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने नोटिस जारी किया है। स्कूल प्रबंधन को 20 अप्रैल तक अपना जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया है। समिति के अगले आदेशों तक फीस वृद्धि पर रोक लगा दी गई है। 
यह है मामला : ला मार्टीनियर गर्ल्स कॉलेज प्रशासन ने मंगलवार को 14 प्रतिशत फीस बढ़ोतरी की घोषणा की। इस फीस बढ़ोतरी को पिछले शैक्षिक सत्र 2018-19 से लागू किया गया है। ला मार्टीनियर गर्ल्स कॉलेज प्रशासन ने अभिभावकों को बकाया भुगतान की रसीद सौंपी है। कक्षा चार में पिछले सत्र करीब 52 हजार रुपये फीस ली गई थी। अब, करीब 7,235 रुपये का एरियर जमा करने को कहा गया है। इसी तरह, हर कक्षा में बढ़ी हुई फीस लागू की गई है। 
अभिभावकों में नाराजगी : अभिभावकों में नाराजगी है। अभिभावकों का कहना है कि फीस नियंत्रण कानून में सत्र शुरू होने के करीब 60 दिन पहले फीस सार्वजनिक करने की बात कही गई है।  लेकिन, ला-मार्ट्स गर्ल्स में न केवल सत्र शुरू होने के बाद फीस बढ़ाई है बल्कि, इस बढ़ोतरी को पिछले सत्र से लागू किया है, जो, गलत है। अभिभावक संघ के अध्यक्ष पीके श्रीवास्तव का कहना है कि प्रदेश सरकार के फीस नियंत्रण कानून का स्कूल प्रबंधन मजाक बनाने में लगे हैं। यह गलत है। कानून का सम्मान होना चाहिए। 
इन प्रावधानों का किया उल्लंघन : प्रदेश सरकार के फीस नियंत्रण अधिनियम 2018 के अध्याय दो में विद्यालयों में प्रवेश एवं शुल्क के बारे में जानकारी दी गई है। 
- अभिभावकों ने बताया कि अध्याय दो के बिंदु (4) में साफ लिखा है कि शैक्षिक सत्र शुरू होने के पूर्व समुचित प्राधिकारी को आगामी शैक्षणिक सत्र के दौरान विद्यालय द्वारा उद्ग्रहीत किए जाने वाले शुल्क का पूर्ण विवरण देना होगा। 
- इसी अध्याय के बिंदु (5) में लिखा है कि शैक्षिक सत्र प्रारंभ होने से 60 दिन पहले वेबसाइट पर शुल्क का विवरण अपलोड करेंगे। 
- अध्याय दो के बिंदु 4(1) में लिखा है कि फीस बढ़ोतरी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक + 5 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी नहीं की जा सकती है।  


 

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  • Web Title:La Martes Girls: Stop taking on Arbitrary Fees