बैसाखी पर गुरुद्वारों में शबद कीर्तन सुन संगत हुई निहाल
Lucknow News - लखनऊ, संवाददाता। खालसा साजना दिवस पर मानसरोवर, यहियागंज समेत कई गुरुद्वारों में शबद कीर्तन,

लखनऊ, संवाददाता। खालसा साजना दिवस पर मानसरोवर, यहियागंज समेत कई गुरुद्वारों में शबद कीर्तन, आसा दी वार, नितनेम और सुखमनी साहिब का पाठ श्रद्धा, सत्कार और उल्लास के साथ मनाया गया। गुरुद्वारों में विशेष दीवान सजाए गए। संगत को खालसा साजना दिवस के इतिहास के बारे में बताया गया। बाद में संगत ने लंगर का प्रसाद ग्रहण किया।कानपुर रोड एलडीए कॉलोनी स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा मानसरोवर गुरु तेग बहादुर कार्यक्रम बहुत ही श्रद्धा के साथ मना। गुरुद्वारा अध्यक्ष सम्पूरन सिंह बग्गा ने बताया कि दीवान की आरंभता अमृत वेले से नितनेम, सुखमनी साहिब के पाठ के साथ हुई। हजूरी रागी भाई हरविंदर सिंह ने आसा दी वार के कीर्तन किए।
हेड ग्रंथि ज्ञानी परमजीत सिंह ने संगत को खालसा साजना दिवस के इतिहास के बारे में बताया। हजूरी रागी भाई हरविंदर सिंह ने शब्द कीर्तन किया। इस मौके पर महासचिव चरणजीत सिंह, सचिव गगनदीप सिंह बग्गा, अमरजीत सिंह पम्मी, परमजीत चन्दर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरिंदर बग्गा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष इकबाल सिंह आदि रहे। शाम को दीवान समापन के बाद गुरु का लंगर वितरित किया गया।ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब यहियागंज में खालसा साजना दिवस पर शाम से देर रात तक विशेष दीवान सजाया जाएगा। गुरुद्वारा सचिव मनमोहन सिंह हैप्पी ने बताया कि डॉ. गुरमीत सिंह के संयोजन में अमृतसर से आए भाई गुरप्रीत सिंह, भाई गुरविंदर सिंह बावा ने विशेष रूप से शबद कीर्तन कर संगत को निहाल किया। यहां गुरुद्वारा साहिब को विशेष फूलों और लाइटों से सजाया गया।
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