
केजीएमयू ने उत्पीड़न में जांच का दायरा बढ़ाया
Lucknow News - हिन्दुस्तान फालोअप लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता। केजीएमयू में महिला प्रोफेसर के उत्पीड़न का मामला तूल पकड़ता
हिन्दुस्तान फालोअप लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता। केजीएमयू में महिला प्रोफेसर के उत्पीड़न का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विशाखा कमेटी की पहली बैठक में पीड़िता और अन्य के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। अभी तक घटना स्थल यानी प्रशासनिक भवन व उसके आस-पास के सीसीटीवी फुटेज आदि की जांच नहीं हो सकी है। 17 अक्तूबर को वित्त अधिकारी के कार्यालय में क्रय समिति की बैठक हुई थी। महिला प्रोफेसर और आरोपी संकाय सदस्य के बीच बहस हुई थी। 23 अक्तूबर को महिला प्रोफेसर ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ दुर्व्यवहार के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने 12 नवम्बर को सभी विभागीय संकाय सदस्यों और वित्त के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई।
खरीद प्रक्रिया की समीक्षा की। दिशा निर्देश बनाए। अधिकारियों का कहना है कि केजीएमयू में कोई भी विभागाध्यक्ष अपनी मर्जी से कुछ भी खरीद-फरोख्त नहीं कर सकता है। न ही किसी जांच की कीमत तय कर सकता है। सिर्फ प्रस्ताव भेज सकता है। इस पर अंतिम फैसला कुलपति, वित्त नियंत्रक व दूसरी कमेटी की मंजूरी के बाद ही संभव है। प्रवक्ता डॉ. केके सिंह का कहना है कि महिला प्रोफेसर से उत्पीड़न का मामला काफी संवेदनशील है। हर पहलु को ध्यान में रखकर जांच कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि 21 नवंबर को केजीएमयू को महिला आयोग से पीड़िता द्वारा दर्ज यौन उत्पीड़न की शिकायत के संबंध में पत्र प्राप्त हुआ था। उसी दिन कुलपति ने मामले को सात सदस्यीय विशाखा समिति को भेज दिया था।

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