रोबोटिक सर्जरी से नौ वर्षीय बच्ची को नया जीवन
केजीएमयू पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग ने कोलेडोकल सिस्ट से पीड़ित एक बच्ची की सफल सर्जरी की। नौ वर्षीय माही तिवारी कई अस्पतालों में इलाज के बावजूद राहत नहीं पा रही थी। रोबोटिक तकनीक से की गई सर्जरी सफल रही और बच्ची को जल्द ही अस्पताल से छुट्टी मिल गई।

केजीएमयू पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग ने कोलेडोकल सिस्ट नामक बीमारी से पीड़ित बच्ची को नई जिंदगी दी है। यह बीमारी पित्त नलिकाओं से जुड़ी एक दुर्लभ जन्मजात विकृति है। समय पर इलाज न होने पर इससे लिवर की गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। नौ वर्षीय बच्ची का सफल ऑपरेशन कर उसे स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। फर्रुखाबाद निवासी नौ वर्षीय माही तिवारी लंबे समय से इस बीमारी से जूझ रही थी। परिवारीजनों ने कई अस्पतालों में इलाज कराया। लेकिन मरीज को राहत नहीं मिली। परेशानहाल परिवारीजन बच्ची को लेकर केजीएमयू पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की ओपीडी में पहुंचे। विभागाध्यक्ष डॉ. जेडी रावत ने मरीज को देखा। जरूरी जांचें कराई। डॉक्टरों की टीम ने बच्ची की सेहत का आकलन किया। परिवारीजनों को रोबोटिक सर्जरी कराने की सलाह दी। परिवारीजन रोबोटिक सर्जरी कराने को राजी हो गए।
ऑपरेशन की प्रक्रिया
20 मई को डॉ. रावत की टीम ने रोबोटिक तकनीक से ऑपरेशन किया। विभाग में कोलेडोकल सिस्ट का यह पहला रोबोटिक ऑपरेशन था। जो पूरी तरह सफल रहा। डॉ. जेडी रावत ने बताया कि सर्जरी के दौरान असामान्य पित्त नलिका को हटाकर लीवर से आंत तक पित्त के प्रवाह के लिए नया मार्ग बनाया गया। रोबोटिक तकनीक के कारण बेहद छोटे चीरे लगाकर अधिक सटीकता के साथ ऑपरेशन संभव हुआ। इससे खून का बहाव कम हुआ। ऑपरेशन के बाद दर्द भी कम रहा। बच्ची तेजी से स्वस्थ हुई। सफल रिकवरी के बाद बच्ची को 29 मई को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।
ऑपरेशन टीम के सदस्य
ऑपरेशन टीम में डॉ. जेडी रावत, डॉ. सुधीर सिंह, डॉ. गुरमीत सिंह, डॉ. कृति पटेल, डॉ. अमोल और डॉ. रौनक शामिल रहे। एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. मनीष सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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