
नाबालिग से दुष्कर्मी को 10 साल की कैद
संक्षेप: Lucknow News - लखनऊ में एक विशेष न्यायाधीश ने नाबालिग से दुराचार के आरोपी मातादीन को 10 वर्ष की कठोर कारावास और 50 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। आरोपी ने नाबालिग को गर्भवती करने के बाद गर्भपात कराया था। अदालत ने पीड़िता को जुर्माने की राशि दिलाने का आदेश दिया है।
लखनऊ। विधि संवाददाता नाबालिग से दुराचार के आरोपी को पाक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश ने सजा सुनाई है। आरोपी ने नाबालिग से दुराचार करने के बाद उसके गर्भवती होने पर दवा खिलाकर गर्भपात करा दिया था। कोर्ट ने मोहनलालगंज थाने के फत्ते खेड़ा निवासी मातादीन को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 50 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने कहा है कि जुर्माने की संपूर्ण धनराशि पीड़िता को प्राप्त कराई जाए। अभियोजन की ओर से विशेष अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि इस मामले की रिपोर्ट पीड़िता ने मोहनलालगंज थाने में 14 अप्रैल 2016 को दर्ज कराई थी।

इसमें कहा गया है कि आरोपी के दुराचार करने से नाबालिग गर्भावती हो गई थी। आरोपी पीड़िता को आश्वासन देता रहा कि वह उससे शादी कर लेगा, लेकिन धोखा देकर वह फरार हो गया। अदालत ने आरोपी को दोषी ठहरते हुए कहा है कि उसका अपराध जघन्य एवं निंदनीय है इसलिए वह सहानुभूति का पात्र नहीं है। गवाह पेश न करने पर इंस्पेक्टर चौक व गुड़ंबा पर हर्जाना लखनऊ, विधि संवाददाता। अदालती मुकदमों में लापरवाही बरतने व कई तिथियां बीत जाने के बावजूद गवाह पेश न करने पर अपर सत्र न्यायाधीश रवींद्र प्रसाद गुप्ता ने नाराजगी जताते हुए थानाध्यक्ष चौक एवं गुडंबा पर दो-दो हजार रुपए का हर्जाना लगाया है। साथ ही नियत तिथि पर गवाह पेश करने की चेतावनी भी दी है। थाना गुडंबा से संबंधित हत्या के आरोप में अभियुक्त संजय सिंह जेल में है। पिछली 8 तारीखों से किसी भी साक्षी को अदालत में पेश न करने पर गंभीर रुख अपनाते हुए अदालत ने थाना थाना गुडम्बा के इंस्पेक्टर को नोटिस जारी की है। अदालती कार्रवाई में विलंब करने पर दो हजार रुपए का हर्जाना भी लगाया है। अदालत ने कहा है कि हर्जाने की रकम आगामी 25 नवंबर को अदा कर दी जाए। वहीं, चोरी से संबंधित थाना चौक के मामले में दरोगा राज करन सिंह पर जमानती वारंट का तामीला न कर पाने को भी अदालत में गंभीरता से लिया है। जनपद बाराबंकी के थाना मसौली में तैनात दरोगा राज करन सिंह पर जमानती वारंट का तामीला न करके उनके कार्यालय में दाखिल किया जाना बताया गया है। अदालत ने कहा है कि पिछली चार तिथियों से इस साक्षी को पेश नहीं किया गया है। अदालत ने इस मामले में इंस्पेक्टर चौक पर दो हजार रुपए का हर्जाना लगाते हुए वारंट की तामील करने वाले पुलिसकर्मी पर भी एक हजार रुपए का हर्जाना लगाया है।

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