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रसूल की आमद पर रोशन हुई इबादतगाहें, जुलूस ए मदेहे सहाबा आज

रोशनी से सजी मस्जिदें रात भर चला मिलाद व नातों का दौर

शहर में कई जगह हुआ जलसों का आयोजन

रसूले खुदा के जन्मदिन की पूर्व संध्या पर रविवार को शहर में कई स्थानों पर महफिल-मीलाद का आयोजन किया गया। इसमें अमीनाबाद स्थित झंडे वाला पार्क, चौक मंडी, लालबाग स्थित इस्लामिया कॉलेज में बड़ी महफिलों का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में मुसलमान शामिल हुए। महफिलों में उलमा, जाकिरों व बुद्धिजीवियों ने रसूले इस्लाम की सीरत पर रोशनी डालते हुए उनके बताए रास्ते पर चलने को कहा। रसूले के जन्मदिन की पूर्व संध्या पर ऐतिहासिक टीले वाली मस्जिद, ऐशबाग ईदगाह सहित शहर की मस्जिदों में खूबसूरत रोशनी से सजाया गया। वहीं, शनिवार को अमीनाबाद पार्क से जुलूस ए मदेहे सहाबा व दरगाह शाहमीना शाह चौक से जुलूस ए मोहम्मदी निकाला जाएगा।

चौक मंडी में मरकजी मिलाद कमेटी की ओर से आयोजित जश्ने खैरूल बशर को खिताब करते हुए मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि रसूल की आमद से दुनिया में एक नया सूरज रौशन हुआ। उस दौर में जब लोग अल्लाह को भूल चुके थे। वह हराम और हलाल में फर्क नहीं जानते थे। तब रसूल ने उनको झूठ व हक की पहचान कराई। जलसे का उद्घाटन दारूल उलूम नदवतुल उलमा के प्रधानाचार्य डा मौलाना सईदुर्रहमान आजमी नदवी ने किया। जलसे को मौलाना मुहम्मद मुश्ताक और मौलाना आफताब आलम खैराबादी ने भी खिताब किया।

रसूल की सुन्नत जिंगदी में उतारे

मौलाना डा सईदुर्रहमान आजमी नदवी ने कहा कि हमारे सच्चे और अन्तिम रसूल रहमत, शफकत और मुहब्बत का अजीम नमूना थे। आप ने अपनी जिंदगी में जिस समाज की स्थापना की। वह कयामत तक आने वाले तमाम इंसानों के लिए नमूना है। मौलाना ने तमाम मुसलमानों पर जोर दिया कि मुहब्बतें रसूल केवल नारों और दावों से नही बल्कि अपनी जिंदगी में सुन्नत रसूल की पाबन्दी करके से आएगी। ऑल इण्डिया सुन्नी बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना मुहम्मद मुश्ताक ने कहा कि इस्लामी शरीअत की हिफाजत हर मुसलमान की पहली जिम्मेदारी है। यह शरीअत कुरान करीम और हदीस नबवी पर कायम है। मौलाना आफताब आलम खैराबादी ने कहा कि सीरतुन्नबी के जलसों का उद्देश्य रसूल पाक की सीरत के इन पहलुओं को बताना है जिनकी रौशनी में हम जीवन व्यतीत कर सकते हैं। जलसे में तकरीरों के बाद नातिया मुशायरा हुआ जिसकी अध्यक्षता कमेटी के अध्यक्ष मुहम्मद उस्मान ने किया।

अमीनाबाद में हुआ जश्ने मिलादुन्नबी का आयोजन

अमीनाबाद स्थित झंडे वाला पार्क में मरकजी मीलादुन्नबी कमेटी की ओर से जश्ने मिलादुन्नबी और अखिल भारतीय मुशायरे का आयोजन किया गया। देर रात जलसे की शुरूआत तिलावते कलामे पाक से हुई। इस मौके पर मौलाना जहांगीर कासमी समेत अन्य उलमाओं ने जलसे को खिताब किया। लालबाग स्थित इस्लामिया कॉलेज में आल इंडिया मुस्लिम यूथ कन्वेंशन की ओर से जश्ने रहमतुल लिल आलमीन का आयोजन किया गया। इसको एडवोकेट जफरयाब जिलानी समेत कई उलमाओं ने खिताब किया।

जुलूस मदहे सहाबा और मोहम्मदी आज

रसूले अकरम के जन्मदिन की खुशी में शनिवार को जुलूस मदहे सहाबा और जुलूसे मोहम्मदी निकाला जाएगा। अंजुमन तहफ्फुजे नामूसे सहाबा की ओर से अमीनाबाद पार्क से सुबह 9 बजे जुलूस मदहे सहाबा निकाला जाएगा, वहीं आल इंडिया मोहम्मदी मिशन की ओर से मेडिकल कॉलेज स्थित शाहमीना शाह की मजार से जुलूसे मोहम्मदी निकाला जाएगा। जुलूस ए मदहे सहाबा का नेतृत्व इमाम ईदगाह मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली सहित अन्य उलमा करेंगे। जुलूस अमीनाबाद पार्क से सुबह 9 बजे निकल कर मौलवीगंज, रकाबगंज, नादान महल रोड, नक्खास, टूडिय़ागंज, बाजारखाला होते हुए ऐशबाग ईदगाह पहुंच कर समाप्त होगा, जहां जलसा ईद मिलादुन्नबी का आयोजन होगा। ईदगाह में होने वाले जलसे को विभिन्न उलमा खिताब करेंगे। वहीं आल इंडिया मोहम्मदी मिशन की ओर से निकलने वाले जुलूसे मोहम्मदी का नेतृत्व मौलाना अबुल इरफान फरंगी महली करेंगे। जुलूस मेडिकल क्रासिंग से होते हुए चौक स्थित ज्योतिबा फुले स्टेडियम पहुंच कर समाप्त होगा। जुलूस से पहले शाहमीना की मजार पर जलसा होगा, जिसे उलमा व जाकिर खिताब करेंगे। वहीं ऐतिहासिक टीले वाली मस्जिद पर दोपहर की नमाज के बाद जलसा ईद मिलादुन्नबी का आयोजन होगा।

फोटो केप्शन, संपादक सर

जश्ने मिलादुन्नबी के मौके पर इस्लामिक मदारिस काउंसिल के अध्यक्ष मो.रेहान फारूकी ने सभी को पर्व की मुबारकवाद दी। साथ ही शहर में शांति व अमन व्यवस्था बहाल रखने की अपील की।

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