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इस्लाम ने औरतों को सबसे ज्यादा अधिकार दिए

शहर में आयोजित हुए जलसे लखनऊ। कार्यालय संवाददाता इस्लाम ने औरतों को जो मुकाम और इज्जत दी है। वह किसी और धर्म में नहीं दी गई है। रसूल का फरमान है कि जन्नत मां के कदमों के नीचे है। एक मां के रुप में औरत जमीन पर तमाम इंसानों से ज्यादा इज्जत की हकदार है। इस्लाम ने हर औरत के लिए शिक्षा को आवश्यक करार दिया है। पर्दे को जरूरी करार देकर उसकी इज्जत व आबरू की सुरक्षा का पूरा बन्दोबस्त किया है। इस्लाम पहला धर्म है जिस ने औरतों को मीरास में हिस्सा दिया है। यह विचार इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया नाजिम दारूल उलूम की ओर से आयोजित दस दिवसीय जलसा शुहादाये दीन ए हक व इस्लाहे माआशरह को सम्बोधित करते हुए कही। मौलाना ने कहा कि चाहे राजनीति हो , व्यापार हो, इबादत हो, शिक्षा या सामजिक क्षेत्र मैदान चाहे राजनैतिक हो या व्यापारिक, इबादत का हो या अर्थ, शिक्षा का हो या समाजिकता का हर मैदान में इस्लाम ने औरतों को उनकी सलाहियतों के हिसाब से अधिकार दिए हैं। मौलाना ने कहा कि हर मुसलमान पर इल्म व दीन हासिल करना अनिवार्य है, चाहे वह पुरूष हो या स्त्री। आखिरत संवार सके और एक मिसाली समाज की स्थापना में अपना किरदार विशेष तौर पर अंजाम दे सकें। जलसे से कारी कमरूद्दीन ने तिलावत कुरान पाक की। सच बोलने वाले का नुकसान नहीं होता अकबरी गेट स्थित एक मीनारा मस्जिद पर आयोजित दस दिवसीय जलसे यौमे अली को खिताब करते हुए कारी मोहम्मद सिद्दीक ने शेर ए खुदा, फातहे खैबर, साहबे जुल्फिकार अमीरूलमोमीन अली इब्ने अबुतालिब की जिदंगी पर रोशनी डाली। कारी सिद्दीक ने कहा कि हजरत अली गरीबों को बहुत ख्याल रखते थे। हजरत अली का कहना है कि सच बोलने से अगर नुकसान हो तो भी सच ही बोलो, कभी किसी का ऐब बयान न करो। अपने को सबसे कम तर समझो। कारी मौसूफ ने हजरत अली की शहादत का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हजरत जब नमाज पढ़ने मस्जिद गए तो इब्ने मुल्जिम ने उनके सिर पर तलवार मार कर जख्मी कर दिया। उस वक्त भी अपने कहा रब्बे काबा की कसम मैं कामयाब हो गया। दरगाह शाहमीना शाह पर आयोजित जलसे को खिताब करते हुए मौलाना आफताब आलम बरकाती ने इमाम हुसैन के भाई मुस्लिम की शहादत का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि किस तरह कुफे वालों ने पहले इमाम हुसैन को खत लिख कर बुलाया। जब इमाम ने अपने भाई मुस्लिम को कूफे भेजा तो पहले चालीस हजार लोगों ने उनके हाथ पर बैय्यत की लेकिन बाद में कुफे वालों ने उनको धोखा दिया। कूफे में हजरत मुस्लिम व उनके दोनों बेटों को शहीद कर दिया गया। मौलाना ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन अपने लहू से इस्लाम का ऐसा चिराग रोशन कर गए है जो कयामत तक रोशनी देता रहेगा।

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  • Web Title:jalsa