DA Image
24 सितम्बर, 2020|4:54|IST

अगली स्टोरी

कोविड-19 के चलते जल निगम ठेकेदारों से अब पांच फीसदी लेगा धरोहर धनराशि

default image

- भुगतान के दौरान ली जाएगी शेष पांच फीसदी बची धरोहर धनराशिप्रमुख संवाददाता- राज्य मुख्यालयजल निगम प्रबंधन ने कोविड-19 के दौरान परियोजनाओं में तेजी लाने के लिए ठेकेदारों से एक साथ 10 फीसदी धरोहर धनराशि जमा कराने के स्थान पांच फीसदी लेने का फैसला किया है। इसके बाद शेष पांच फीसदी उससे भुगतान के समय ले लिया जाएगा। जल निगम प्रबंधन का मानना है कि कोविड-19 के चलते वित्तीय संकट से जूझ रहे ठेकेदारों को इससे राहत मिलेगी और वे परियोजनाएं तेजी पूरी होंगी।80 फीसदी पूरी करनी होगी शर्तजल निगम प्रबंधन ने ठेकेदारों को जहां राहत देने का काम किया है वहीं टेंडर शर्तों में कुछ महत्वपूर्ण अनिवार्यता भी जोड़ी गई है, जिससे काम गुणवत्ता के साथ पूरे हो सके। टेंडर शर्तों में 50 फीसदी वित्तीय शर्त के साथ 30 फीसदी तकनीकी दक्षता का अनुभव होने की शर्त को जोड़ दिया गया है। मतलब साफ है कि विशेषज्ञ वाली कंपनियां या ठेकेदारों से काम कराया जाएगा। जल निगम प्रबंधन का मानना है कि तकनीकी अनिवार्यता न होने की वजह से गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते थे। इस नई शर्त के बाद परियोजनाएं गुणवत्ता के साथ पूरी होंगी और ठेकेदारों की सीधी जवाबदेही होगी।सालवेंसी के आधार पर ठेकाजल निगम टेंडर प्रणाली में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए सालवेंसी के आधार पर ठेका देने का फैसला किया गया है। मतलब जितने करोड़ की सालवेंसी होगी, उसके आधार पर ठेकेदार टेंडर पाने का दावेदार होगा। अभी तक कैपिसिटी यानी क्षमता के आधार पर टेंडर देने की व्यवस्था थी। सालवेंसी के आधार पर टेंडर के लिए पात्र जरूर माना जाएगा, लेकिन टर्नओवर में उसके देनदारी को निकाल कर उसकी वित्तीय स्थिति का आकलन किया जाएगा।---कोटटेंडर प्रक्रिया में बदलाव से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और काम कराने के लिए कई विकल्प मिलेंगे। जल निगम के कामों को इससे जल्द पूरा कराया जा सकेगा। विकास गोठलवाल, प्रबंध निदेशक, जल निगम

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Jal Nigam will now take five percent of the funds from contractors due to Kovid-19