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जैन समाज के मेधावियों का हुआ सम्मान

- जैन समाज के लोगों ने मनाया वीर शासन जयंती समारोह - महावीर के 'जियो और जीने दो' के सिद्धांत से विश्व में शान्ति मिलेगी लखनऊ। निज संवाददाता जैन समाज के लोगों द्वारा रविवार को वीर शासन जयंती मनाई गई। जयंती समारोह में समाज के 37 मेधावियों को मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया। गोमती नगर के अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान में हुए इस आयोजन में मुख्य वक्ता डॉ. योगेश चंद्र जैन ने कहा कि महावीर के 'जियो और जीनो दो' के सिद्धांत से विश्व में शांति मिलेगी। दीप प्रज्जवलन कर चित्र का अनावरण उत्तर प्रदेश जैन विद्या शोध संस्थान, संस्कृति विभाग, जैन मिलन व जैन समाज के संयुक्त तत्वावधान में वीर शासन जयंती समारोह मना। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलित कर हुआ। महावीर वंदना के साथ अजय जैन कागजी द्वारा प्रदत्त जैन गौरव पं. दौलतराम एवं वीरचंद राघव जी गांधी के चित्रों का अनावरण विशिष्ट अतिथि वीर नरेंद्र जैन राजकमल ने किया। कार्यक्रम में संजय जैन को सम्मानित किया गया। महावीर राजकुमार थे, शासक नहीं मुख्य वक्ता डॉ. योगेश चंद्र जैन ने कहा कि तीर्थंकर महावीर लिच्छिव वंश के राजकुमार थे, परंतु वह शासक नहीं थे। फिर भी उनके द्वारा अहिंसा, अनेकांत एवं सर्वोदयी सिद्धांत से लोगों के कल्याण का शासन स्थापित किया। महावीर के सिद्धांत सत्ता ही वीर शासन है। महावीर का प्रथम दिव्य उपदेश श्रावण कृष्ण प्रतिपदा को हुआ, तब से यह विशेष दिन वीर शासन जयन्ती से विख्यात है। कार्यक्रम में डॉ. अभय कुमार जैन, अजय जैन, नरेन्द्र जैन राजकमल, विशाल जैन, अजय कुमार अग्रवाल, विवेक जैन, अजय जैन कागजी, विनय जैन, बृजेश जैन बन्टी, पीयूष जैन, पर्यूषण जैन, अभिषेक जैन , धीरज जैन, राकेश जैन, आलोक जैन, नरेन्द्र जैन, पंकज जैन, दिनेश जैन, एस.के.मोदी, संजय जैन एवं डा. राकेश सिंह मौजूद रहे।

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