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रिटायर होने के बाद परिषद के 11 कर्मचारियों की जांच

लखनऊ प्रमुख संवाददाता आवास विकास परिषद के 11 कर्मचारियों की रिटायर होने के बाद...

रिटायर होने के बाद परिषद के 11 कर्मचारियों की जांच
Newswrapहिन्दुस्तान टीम,लखनऊFri, 24 Jun 2022 11:00 PM
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लखनऊ प्रमुख संवाददाता

आवास विकास परिषद के 11 कर्मचारियों की रिटायर होने के बाद जांच होगी। बोर्ड बैठक में लखनऊ के इन कर्मचारियों के खिलाफ जांच के लिए समिति गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। दूसरी ओर नोएडा और मेरठ के दो इंजीनियरों की पेंशन से पांच फीसदी रकम पांच साल तक काटी जाएगी।

आवास विकास परिषद के सेवानिवृत्त कर्मचारी अशोक कुमार सक्सेना, प्रमोद कुमार, अशोक कुमार भाटिया, राम नरेश, कन्हई प्रसाद, पीसी जोशी, प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, शैलेंद्र सक्सेना, ध्रुव शंकर अवस्थी, राजेश नारायण सक्सेना, राम नरेश यादव के खिलाफ विभागीय जांच के लिए समिति गठित होगी। दरअसल, लखनऊ में प्रापर्टी डीलर जगतोष शुक्ल ने आवास विकास परिषद के कर्मचारियों से मिलीभगत करके लखनऊ सहित कई मेरठ व दूसरे शहरों में फर्जीवाड़ा किया था। उसने अवैध तरीके से अपने और पत्नी व बच्चों के साथ परिवार के लोगों के नाम पंजीकरण कराकर करीब पांच करोड़ रुपये का खेल किया था। इसी मामले में यह कार्रवाई हुई है। ग्रेटर नोएडा में गलत तरीके से भू उपयोग परिवर्तन के मामले में सेवानिवृत्त सहायक अभियंता डीएस बिष्ट जांच में दोषी मिले। बोर्ड बैठक में उनकी पेंशन से पांच साल तक पांच प्रतिशत की कटौती का निर्णय हुआ। इसी तरह मेरठ में नामांतरण प्रकरण में रंगे हाथ रिश्वत लेते पकड़े गए सेवानिवृत्त कनिष्ठ लेखाधिकारी रामपाल भाष्कर की पेंशन कटौती भी पांच साल तक की जाएगी।

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