अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

परिचय सम्मेलन में विपक्षी पार्षदों को रखा दूर

विपक्षी पार्षदों ने जताई नराजगी, कहा-नगर निगम में गलत परम्मपरा की शुरुआत हो रहीलखनऊ। प्रमुख संवाददातानगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी के साथ बुलाए गए परिचय सम्मेलन में विपक्षी पार्षदों को दूर रखा गया। सिर्फ भाजपा पार्षदों को ही बैठक में बुलाया गया। विपक्षी पार्षदों ने इसका विरोध किया है। कहा कि शहर के विकास में दलगत राजनीति करना ओक्षी मानसिकता का प्रतीक है। यह लखनऊ शहर के लिए ठीक नहीं है।नाराजगी व्यक्त करते हुए कांग्रेस पार्षद गिरीश मिश्र ने कहा कि पिछले 25 वर्ष में ऐसा कभी नहीं हुआ। नगर निगम में जब भी कोई बैठक हुई है सभी दलों के पार्षदों को बुलाया गया है। गुरुवार को हुई बैठक की कोई जानकारी ही नहीं दी गई। आखिर नगर आयुक्त क्या सिर्फ भाजपा के पार्षदों के लिए हैं। यह परम्परा लखनऊ की जनता व शहर के विकास के लिए ठीक नहीं है। शहर के विकास में यदि राजनीति होने लगेगी तो स्थिति बहुत बदतर हो जाएगी। सपा पार्षद शफीकुर्रहमान ने कहा कि नगर निगम में नई परम्परा डाली जा रही है। अब तक सभी दलों के पार्षद साथ मिलकर शहर के विकास के लिए प्रयास करते रहे हैं। कभी दलगति राजनीति नहीं हुई। पार्षदों के बीच में दीवार खड़ी की जा रही है। यह बहुत ही दुखद और अफसोसजनक है। नगर निगम में पार्षदों हमेशा मिलकर होली, दीवाली, रोजा इफ्तार व बड़ा मंगल साथ मनाया है। न धर्म बीच में आया और न पार्टी। मुख्यमंत्री के साथ बैठकों में सभी दलों के पार्षद हमेशा साथ रहते रहे हैं। आखिर महापौर व नगर आयुक्त क्या सिर्फ भाजपा के ही है। नगर आयुक्त का परिचय सिर्फ एक पार्टी के पार्षदों से कराकर महापौर क्या संदेश देना चाहती हैं। क्या अब सिर्फ भाजपा पार्षदों के क्षेत्र में ही विकास कार्य होगा। महापौर की ओर से बैठक नहीं बुलाई गई थी। भाजपा पार्षद दल के नेता रामकृष्ठ यादव ने क्षेत्र में समस्याओं को लेकर बुलाई थी। बैठक के दौरान ही परिचय नगर आयुक्त से परिचय कराया गया था। संयुक्ता भाटिया, महापौर।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Introduce the opposition councilors in the conference