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बीमा कर्मियों ने प्रबंधन के प्रस्तावों को ठुकराया

एलआईसी का उदाहरण देते हुए बीमा क्षेत्र में वेतन समानता की मांग लखनऊ प्रमुख...

बीमा कर्मियों ने प्रबंधन के प्रस्तावों को ठुकराया
Newswrapहिन्दुस्तान टीम,लखनऊSat, 25 Jun 2022 12:30 AM
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एलआईसी का उदाहरण देते हुए बीमा क्षेत्र में वेतन समानता की मांग

लखनऊ प्रमुख संवाददाता

करीब 50 हजार कर्मचारियों और अधिकारियों वाले ट्रेड यूनियनों और संघों के संयुक्त मोर्चा ने सर्वसम्मति से जिप्सा प्रबंधन की ओर से दिए गए प्रस्तावों को खारिज कर दिया। प्रबंधन और यूनियनों के बीच 22 जून से बातचीत शुरू हुई थी।

जनरल इंश्योरेंस पब्लिक सेक्टर एसोसिएशन जिप्सा ने वर्तमान तिथि से सात फीसदी वृद्धि या पांच फीसदी वृद्धि और बकाया धनराशि की पेशकश की थी। संयुक्त मोर्चा ने एक स्वर में वेतन संशोधन के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। साथ ही एलआईसी का उदाहरण देते हुए बीमा क्षेत्र में वेतन समानता की मांग की। इसके पूर्व ट्रेड यूनियनों और संघों के संयुक्त मोर्चा के 18 घटकों ने शुक्रवार को अपनी बैठक की और जिप्सा की ओर से किए गए वेतन संशोधन प्रस्ताव पर चर्चा की। इस बैठक का संचालन राष्ट्रीय संयोजक गिरीश खुराना ने किया। सभी घटकों ने डीएफएस और जिप्सा को सात दिन का समय दिया है। एलआईसी की तरह समान सम्मानजनक प्रस्ताव के साथ आगे आने का आह्वान भी किया। अब संयुक्त मोर्चा के घटक 30 जून को इस संबंध में बैठक करेंगे। मोर्चा की ओर से जारी बयान के अनुसार वर्ष 2019 अप्रैल में तत्कालीन जिप्सा अध्यक्ष गिरिजा कुमार और अन्य सीएमडी ने आश्वासन दिया था कि जब भी वेतन संशोधन को अंतिम रूप दिया जाएगा, वह एक अगस्त 2017 से प्रभावी होगा। एलआईसी से बेहतर होगा। सार्वजनिक साधारण बीमा कंपनियां भारत सरकार को राष्ट्रीयकरण के बाद से भारी लाभांश दे रही हैं और सामाजिक उत्थान की सभी सरकारी योजनाओं को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ आगे बढ़ा रही हैं। यहां तक ​​​​कि कोविड-19 की महामारी के समय भी सभी कर्मचारियों ने पिछले दो वर्षों में कोरोना योद्धा के रूप में अर्थव्यवस्था और समाज की सेवा की है।  इस दौरान 500 से अधिक कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों का निधन कोविड के कारण हो गया।

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