
भारत ने हमेशा किया है विविधता का सम्मान
Lucknow News - लखनऊ में आयोजित व्याख्यान में प्रो. प्रवीण कुमार तिवारी ने भारतीय ज्ञान परम्परा को शिक्षा प्रणाली से आगे बढ़कर जीवन मूल्यों और नैतिकता की आधारशिला बताया। उन्होंने खगोलशास्त्र, रसायन विज्ञान और गणित में भारत के योगदान की चर्चा की। राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर क्विज प्रतियोगिता में हिमांशु और मीना को विजेता घोषित किया गया।
लखनऊ, संवाददाता। भारतीय ज्ञान परम्परा केवल शिक्षा प्रणाली नहीं बल्कि जीवन मूल्यों, नैतिकता और मानवता की आधारशिला है। ये बातें डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के दृष्टिबाधितार्थ विभाग की ओर से आयोजित व्याख्यान में मुख्य वक्ता दिल्ली विवि केंद्रीय शिक्षा संस्थान के प्रो. प्रवीण कुमार तिवारी ने कहीं। उन्होंने खगोलशास्त्र, रसायन विज्ञान और गणित में भारत के योगदान की चर्चा करते हुए बताया कि भारत ने हमेशा विविधता का सम्मान किया है। भारतीय ज्ञान परम्परा विषय के व्याख्यान में 350 से अधिक विद्यार्थियों ने ऑफलाइन व ऑफलाइन माध्यम से प्रतिभाग किया। इस दौरान संकायाध्यक्ष विशेष शिक्षा डॉ. कौशल शर्मा, विभागाध्यक्ष डॉ. आद्या शक्ति राय, प्रो. राजीव नयन पांडेय, प्रो. वीके सिंह, प्रो. अश्वनी कुमार दुबे, डॉ. मृत्युंजय मिश्रा आदि रहे।

क्विज विजेता हिमांशु और मीना सम्मानित पुनर्वास विश्वविद्यालय के शिक्षाशास्त्र विभाग में राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर आयोजित क्विज प्रतियोगिता में टीम बी द ओलंपियन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। टीम के सदस्य हिमांशु बाजपेई और मीना यादव को विजेता घोषित कर सम्मानित किया गया। शिक्षाशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. वीरेंद्र सिंह यादव ने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली सबसे बड़ी शक्ति है। इस दौरान रेनू ओझा, डॉ. नूतन पांडेय, डॉ. आशीष कुमार उपाध्याय, विवेक सिंह और सूरज आदि रहे।

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