पांच रिटायर्ड जज, 11 आईएएस-आईपीएस भी नहीं हटवा पाए झोपड़ियां

Newswrap हिन्दुस्तान, लखनऊ
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Lucknow News - राजधानी के गोमती नगर विस्तार में अवैध झुग्गी-झोपड़ियों के कारण कॉलोनी की व्यवस्था और सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। स्थानीय निवासियों ने मुख्यमंत्री के आईजीआरएस पोर्टल पर नौ बार शिकायतें की हैं, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। झुग्गियों में नशाखोरी और अन्य असामाजिक गतिविधियाँ बढ़ रही हैं।

पांच रिटायर्ड जज, 11 आईएएस-आईपीएस भी नहीं हटवा पाए झोपड़ियां

राजधानी के पॉश इलाके गोमती नगर विस्तार के सेक्टर-4 समेत कई हिस्सों में अवैध रूप से बसी झुग्गी-झोपड़ियों से न सिर्फ कॉलोनी की व्यवस्था चरमरा गई है बल्कि सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा पैदा हो गया है। हाईकोर्ट के पांच रिटायर्ड जज, 11 आईएएस-आईपीएस और तमाम अन्य विभागों के वरिष्ठ रिटायर्ड अधिकारी खुलकर इन झोपड़ियों के विरोध में आ गए हैं। इनका विरोध व लड़ाई वर्ष 2024 से चल रही है। कभी शासन और कानून व्यवस्था संभालने वाले ये लोग आज अपनी ही कॉलोनी में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। झुग्गी-झोपड़ियों के फैलते जाल ने पूरे क्षेत्र को अराजकता की ओर धकेल दिया है। खुद यहां के लोग कहते हैं कि अब वह व उनका परिवार सुरक्षित नहीं है। संगठित नेटवर्क के आगे अधिकारी बेबस हैं।

आईजीआरएस पर नौ बार शिकायत, फिर भी कार्रवाई नहीं

2024 से अब तक कॉलोनी के निवासियों ने मुख्यमंत्री के आईजीआरएस पोर्टल पर नौ बार शिकायत दर्ज कराई। शिकायतों में अवैध कब्जे, बिजली-पानी की चोरी, असामाजिक गतिविधियों और सुरक्षा खतरे का जिक्र किया गया। लेकिन प्रशासनिक मशीनरी की सुस्ती के चलते आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। लोगों ने शिकायत संख्या 40015724010930, 40015724013138, 40015724013138, 40015724010917, 40015724010927, 40015724011343, 40015724010267, 40015724010917 तथा 40015724000129 दर्ज कराई।

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जहां हटाया वहां फिर बस गईं झोपड़ियां

स्थानीय निवासी राजकुमार का कहना है कि कुछ झुग्गियों को पहले हटाया गया था, लेकिन कुछ ही दिनों में दोबारा उसी जगह बसवा दिया गया। यह कोई सामान्य अतिक्रमण नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क है, जिसे कथित तौर पर कुछ बाहरी लोगों का संरक्षण प्राप्त है।

सुरक्षा पर सीधा खतरा, कॉलोनी में बढ़ रहा अपराध

स्थानीय निवासियों का कहना है कि झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोग नशाखोरी और रात में झगड़ा, गाली-गलौज करते हैं। पार्कों और सड़कों पर खुले में शौच, कूड़ा फैलाना और रात में हुड़दंग आम बात हो गया है। बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर हमेशा खतरा रहता है।

बिजली-पानी की चोरी, सड़कों और पार्कों पर कब्जा

झुग्गियों में अवैध रूप से बिजली कनेक्शन जोड़े गए हैं और जल संस्थान की पाइपलाइन से पानी की चोरी हो रही है। कॉलोनी के खाली प्लॉट, सड़क किनारे और पार्कों तक में झुग्गियां खड़ी कर दी गई हैं। इससे आवागमन बाधित हो रहा है। पार्कों में असामाजिक तत्वों का जमावड़े लोग जाने में डरने लगे हैं।

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इन लोगों ने की शिकायत

न्यायमूर्ति आरएम चौहान, न्यायाधीश टीएन तिवारी, न्याधीश आलोक त्रिवेदी, आईएएस गया प्रसाद, राहुल राज आईपीएस, डा. रेनू वर्मा महानिदेशक, डा. एके भट्ट चिकित्सा अधीक्षक पीजीआई, शिव कुमार प्रसाद ज्वाइंट कमिश्नर, शिवपाल सिंह पटेल वारंट अफसर, महेश चन्द्र डिप्टी डायरेक्टर, हरिशंकर सत्यार्थी मुख्य अभियन्ता सहित तमाम अधिकारी व सम्मानित लोगों ने फिर नगर निगम, एलडीए व कमिश्नर से लिखित शिकायत की है। अपनी पीड़ा बताई है।

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झुग्गी झोंपड़ियां बड़ी परेशानी का कारण बन रही हैं। इनको हटाना जरूरी है। हम खुद प्रयास कर रहे हैं। दो से तीन दिनों के भीतर हम इस मामले को लेकर सीएम से मिलेंगे। उनसे झोपड़ियों के हटवाने के बारे में बात करेंगे। यह लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई हैं। इनकी वजह से शहर में गंदगी भी बढ़ रही है।

सुषमा खर्कवाल, महापौर

सामान्य प्रश्न

स्थानीय निवासियों ने कितनी बार शिकायत दर्ज कराई है?
स्थानीय निवासियों ने मुख्यमंत्री के आईजीआरएस पोर्टल पर नौ बार शिकायत दर्ज कराई है।
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