फलपट्टी में आम के सीजन में भी काटे गए दर्जनों हरे पेड़
Lucknow News - मलिहाबाद में लकड़ी माफिया ने फलपट्टी के नियमों का उल्लंघन करते हुए दर्जनों हरे और फलदार आम के पेड़ काट डाले। ग्रामीणों का आरोप है कि यह कटान वन विभाग की जानकारी के बिना संभव नहीं है। वन विभाग ने अवैध कटान की शिकायतों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

विश्व प्रसिद्ध दशहरी आम के गढ़ मलिहाबाद में लकड़ी माफिया ने फलपट्टी के नियमों को ताक पर रख दिया है। आम के सीजन में जब फलपट्टी क्षेत्र में हरे और फलदार पेड़ों की कटान पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहता है, तब भी मलिहाबाद के कई गांवों में दर्जनों फलदार पेड़ जमींदोज कर दिए गए। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की शह और जानकारी के बिना इतनी बड़ी कटान संभव नहीं है। शनिवार रात से लेकर रविवार सुबह के बीच लकड़ी माफिया ने मलिहाबाद के खालिसपुर गांव में करीब तीन दर्जन (36) हरे और फलदार आम के पेड़ काट डाले। इसके अलावा, मीठेनगर गांव की नहर के पास भी करीब एक दर्जन पेड़ों को काट दिया गया। यही नहीं, कसमंडी कला क्षेत्र के विभिन्न गांवों से भी आए दिन हरे पेड़ों के अवैध कटान की खबरें सामने आ रही हैं। मामले पर संज्ञान लेते हुए वन विभाग के उच्चाधिकारियों ने बताया कि ग्रामीणों और स्थानीय स्रोतों से अवैध कटान की शिकायत मिली है। मौके पर जांच टीम भेजकर मामले की पूरी रिपोर्ट तैयार कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
1984 में मलिहाबाद क्षेत्र को फलपट्टी घोषित किया गया था
हरित मलिहाबाद क्षेत्र के रखरखाव और पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने के लिए वर्ष 1984 में इस पूरे क्षेत्र को फलपट्टी घोषित किया गया था। नियमों के अनुसार, आम के सीजन (फसल और तुड़ाई के महीनों) के दौरान क्षेत्र में एक भी हरा पेड़ नहीं काटा जा सकता। अवैध कटान की स्थिति में दोषी पर भारी जुर्माना, मुकदमा और सजा का भी प्रावधान है।
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