प्रोफेसर आईबी ने भू-आकृति विज्ञान, पुरा जलवायु को नई दिशा दी
Lucknow News - एलयू में प्रोफेसर आईबी सिंह स्मृति व्याख्यान-2026 का आयोजन हुआ लखनऊ, संवाददाता। लखनऊ

एलयू में प्रोफेसर आईबी सिंह स्मृति व्याख्यान-2026 का आयोजन हुआ लखनऊ, संवाददाता। लखनऊ विश्वविद्यालय के भूविज्ञान विभाग में देश के सुप्रसिद्ध भूवैज्ञानिक प्रोफेसर आईबी सिंह की स्मृति में बुधवार को व्याख्यान आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता बीएसआईपी लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अनुपम शर्मा ने क्वाटरनरी अवसादों का भू-रासायनिक चरित्रण: अपक्षय, स्रोत तथा जलवायु-टेक्टोनिक अंतःक्रियाओं के निहितार्थ विषयक व्याख्यान प्रस्तुत किया। डॉ. शर्मा ने कहा कि भू-रसायन, अवसादन विज्ञान, भू-आकृति विज्ञान, पुराविज्ञान और भू-काल निर्धारण के समन्वित अध्ययन से ही विश्वसनीय पुरा-पर्यावरणीय पुनर्निर्माण संभव है। विभागाध्यक्ष प्रो. ध्रुव सेन सिंह ने कहा कि प्रो. सिंह उन विरले भूवैज्ञानिकों में से थे जिन्होंने उस समय क्वाटरनरी अवसादों, गंगा मैदान और नदी प्रणालियों पर कार्य प्रारंभ किया, जब देश में अधिकांश भूवैज्ञानिक कठोर शैलों तक सीमित थे।
उनके अनुसंधानों ने भू-आकृति विज्ञान, नदी अवसादन, नव-टेक्टोनिक्स, पुरा-जलवायु तथा पर्यावरणीय परिवर्तनों की समझ को नई दिशा प्रदान की। प्रो. सिंह ने हिमालय की चट्टानों की आयु, गंगा मैदान की उत्पत्ति और कच्छ क्षेत्र की चट्टानों पर नवीन व तार्किक शोध पत्र लिखे, जो आज भी अत्यंत प्रासंगिक है। इस दौरान भूविज्ञान विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर एमपी सिंह ने अपने सहपाठी प्रोफेसर आईबी सिंह से जुड़ी स्मृतियां साझा कीं। साथ ही प्रोफेसर विभूति राय ने भी पुरानी तस्वीरों के जरिए उनसे लगाव के बारे में बताया। विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. एनके पाण्डेय ने कहा कि प्रो. आई.बी. सिंह ने अध्यापन के साथ उत्कृष्ट शोध कार्य कर एक ऐसी मिसाल स्थापित की है, जो इतिहास के पन्नों में सदैव जीवित रहेगी। संचालन डॉ. ज्योत्सना दुबे और डॉ. मनोज कुमार यादव ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
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