जनगणना ड्यूटी कटवाने में बीता दिन, इलाज प्रभावित
महानगर के भाऊराव देवरस अस्पताल के कर्मचारियों को जनगणना ड्यूटी पर लगाया गया, जिससे ओपीडी में इलाज की व्यवस्था प्रभावित हुई। मंगलवार को पैरामेडिकल और नर्सिंग स्टाफ का पूरा दिन ड्यूटी कटवाने में बीता, जिसके कारण मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल सका। अस्पताल प्रशासन ने कर्मचारियों को रिलीव नहीं किया।

महानगर स्थित भाऊराव देवरस अस्पताल के बड़ी संख्या में कर्मचारियों की ड्यूटी जनगणना में लगा दी गई है। मंगलवार को पूरे दिन पैरामेडिकल, नर्सिंग और कर्मचारियों का वक्त ड्यूटी कटवाने में गुजर गया। इसकी वजह से ओपीडी में इलाज की व्यवस्था प्रभावित रही। दूर दराज से आए मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिला सका। भाऊराव देवरस अस्पताल में 100 से अधिक बेड हैं। प्रतिदिन 1100 से ज्यादा मरीज ओपीडी में आ रहे हैं। मंगलवार को बड़ी संख्या में पैरामेडिकल, नर्सिंग व कर्मचारियों की ड्यूटी जनगणना में लगा दी गई। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने कर्मचारियों को अभी रिलीव नहीं किया है। ड्यूटी लगाने में लापरवाही का आलम यह है कि अस्पताल के सभी लैब टेक्नीशियन, एक्सरे टेक्नीशियन, ऑप्टोमेट्रिस्ट, फार्मासिस्ट, इमरजेंसी के वार्ड ब्वॉय, नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी लगा दी गई।
अस्पताल प्रशासन ने 22 अप्रैल को जिलाधिकारी और नगर निगम के अफसरों को कई पत्र लिखे। इसके बावजूद अस्पताल कर्मचारियों को ड्यूटी से छूट नहीं दी गई। आज से कर्मचारियों को जनगणना ड्यूटी करनी थी। इलाज की व्यवस्था गड़बड़ न हो इसलिए अस्पताल प्रशासन ने कर्मचारियों को रिलीव नहीं किया। पूरे दिन कर्मचारी ड्यूटी कटवाने में गुजर गई। इस दौरान मरीजों को इलाज का इंतजार करना पड़ा। दवा काउंटर से लेकर, पैथोलॉजी जांच के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। शाम तक ड्यूटी नहीं हटाई गई।
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