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होम्योपैथिक कॉलेजों में बंक नहीं मार पाएंगे छात्र

- प्रदेश के सभी होम्योपैथिक कॉलेजों की सुधरेगी सूरत - छात्र-छात्राओं की होगी बॉयोमेट्रिक हाजिरी लखनऊ। निज संवाददाता राजकीय होम्योपैथिक कॉलेजों की सूरत बदलने वाली है। अब कॉलेज में छात्र-छात्राएं कक्षाओं से गायब नहीं हो सकेंगे। शिक्षकों को भी तय समय तक कॉलेज में रुकना होगा। शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए कॉलेजों में बायोमेट्रिक हाजिरी की व्यवस्था होगी। बॉयोमेट्रिक हाजिरी लगेगी प्रदेश में सात होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज हैं। इनमें 300 बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएचएमएस) की सीटें हैं। होम्योपैथिक विभाग में संयुक्त निदेशक डॉ. विजय पुष्कर ने बताया कि सभी कॉलेजों में बायोमेट्रिक हाजिरी का इंतजाम किया जा रहा है। शिक्षक व छात्रों की हाजिरी होगी। उन्होंने बताया कि अच्छे डॉक्टर तैयार करने के लिए कॉलेजों को सख्त कदम उठाने होंगे। रोज कक्षाएं लगाई जाएं, जो छात्र कक्षाओं से गायब मिलेंगे, उनसे पूछताछ की जा सकेगी।लेक्चर थिएटर बनाए जाएंगेडॉ. विजय पुष्कर ने बताया कि सभी कॉलेजों में लेक्चर थिएटर बनाए जाएंगे। इसमें हर महीने लेक्चर होंगे। प्रदेश व दूसरे प्रदेश के विशेषज्ञों को बुलाकर सेमिनार किए जाएंगे। ताकि ज्ञान का अदान-प्रदान किया जा सके। नई दवाओं और तकनीकी से छात्र-छात्राओं को भी रू-ब-रू कराया जा सके।सीसीटीवी लगाए जाएंगेप्रदेश के सभी कॉलेजों में सीसीटीवी लगाए जाएंगे। डॉ. विजय पुष्कर ने बताया कि आयुष मिशन के तहत कॉलेजों में सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। सीसीटीवी कैमरे लगने से निगरानी की जा सकेगी। कॉलेज की गतिविधियों को कैमरे में कैद किया जा सकेगा। राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय में करीब 50 सीसीटीवी कैमरे लगाए भी जा चुके हैं। पीजी की 10-10 सीटें होंगी होम्योपैथिक कॉलेज में पहली बार तीन विषयों में परास्नातक की 10-10 सीट पर पढ़ाई शुरू की जाएगी। इन एमडी कोर्स में मटेरिया मेडिको, रिपार्टरी व आर्गनन ऑफ मेडिसिन शामिल है। अभी तक किसी भी राजकीय होम्योपैथिक कॉलेज में एमडी कोर्स नहीं चल रहा है। मरीजों को फिजियोथेरेपी और योग का भी लाभ मिलेगा।

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  • Web Title:homeopathic college