हिन्दी स्वतः सम्पर्क की भाषा है: प्रो. तोमिओ मिज़ोकामि

Last Modified: Mon, Dec 11 2017. 20:01 IST
offline

-जापान है सबसे विश्वसनीय देश-भारत है जापान का सर्वाधिक महत्वपूर्ण साझीदार- हिन्दी की ताकत थी कि मोदी ओबामा को भारत बुलाने में सफल हुएलखनऊ। निज संवाददाताडॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में सोमवार को जापान के ओसाका यूनिवर्सिटी ऑफ फॉरेन स्टडीज के मानद प्रोफेसर डॉ. तोमिओ मिज़ोकामि ने कहा कि हिन्दी स्वतः सम्पर्क की भाषा है। सिर्फ जरूरत दुनिया में इसके प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने की है। जापान और भारत के प्रगाढ़ सम्बन्धों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर विस्तार से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इसकी एक बड़ी वजह हिन्दी भाषा है। वह विश्वविद्यालय के हिन्दी एवं अन्य भारतीय भाषा विभाग और भोजपुरी अध्ययन एवं अनुसंधान केन्द्र द्वारा ‘जापान-भारत सम्बन्ध: इतिहास तथा परिप्रेक्ष्य विषय पर आयोजित परिचर्चा में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने जब धारा प्रवाह हिन्दी बोलना शुरू किया तो लोग आश्चर्य चकित हो गए। प्रो. तोमिओ ने कहा कि मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद दोनों देश उज्ज्वल भविष्य की ओर आगे बढ़ रहे हैं। यह बेहद अहम बात है कि प्रधानमंत्री मोदी विकसित देशों में सबसे पहले जापान पहुंचे। वहां पहले किसी का इस तरह स्वागत नहीं हुआ है। यही नहीं यह हिन्दी की ताकत थी कि मोदी ओबामा को भारत बुलाने में सफल हुए। हालांकि इससे चीन एवं पाकिस्तान को जलन हुई। दोनों देशों के बीच छः साल से प्रतीक्षित ‘जापान भारत परमाणु ऊर्जा सन्घि पर 11 नवम्बर, 2016 को हस्ताक्षर हुए। ---------------------------------------विद्यार्थियों को वीजा पाबंद में शिथिलता दीउन्होंने बताया कि जापान सरकार ने जापान-भ्रमण के लिए आने वाले भारतीय विद्यार्थियों के लिए प्रवेश वीजा की पाबंदी को शिथिल कर दिया है। अब विद्यार्थियों को भारत सरकार की मान्यता-प्राप्त शैक्षिक संस्थाओं के परिचय-पत्र दिखाने से जापान का वीजा़ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि पुनर्वास विश्वविद्यालय एवं जापान के विश्वविद्यालयों के बीच शैक्षणिक आदान प्रदान बढ़े। -----------------------------------------87 फीसदी भारतीयों ने जापान को माना महत्वपूर्ण पार्टनरजापान-भारत मैत्री के बारे में सेन्टर फॉर मीडिया स्टडीज़ के सर्वेक्षण का हवाला लेते हुए उन्होंने बताया कि भारतीय लोगों ने जापान को सर्वाधिक विश्वसनीय देश माना है। इसके अलावा 87 फीसदी भारतीयों द्वारा जापान को सबसे महत्वपूर्ण पार्टनर माना गया है। नार्वे से आए प्रवासी हिन्दी साहित्यकार डॉ. सुरेश चन्द्र शुक्ल ने कहा कि हिन्दी विश्व की एक बेहद ताकतवर भाषा है। विद्यार्थियों को चाहिए कि वह इसमे अपनी दक्षता को बढ़ाकर बेहतर रोजगार हासिल करें। कार्यक्रम में लखनऊ के पूर्व महापौर दाऊजी गुप्त, लविवि के हिन्दी के प्रो. वाई.पी. सिंह, शकुन्तला विवि के डीन एकेडमिक प्रोफेसर एपी तिवारी और कुल सचिव अखिलेन्द्र कुमार मौजूद थे। इस अवसर पर डॉ. वीरेन्द्र सिंह यादव की पुस्तक ‘महात्मा गांधीः विचार और मूल्यांकन का विमोचन भी किया गया।

हिन्दुस्तान मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें
Show comments