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हाईटेक टाउनशिप में छोटे मकान न बनाने वाले बिल्डरों पर शिकंजा

- लखनऊ में अंसल के खिलाफ जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटीप्रमुख संवाददाता- राज्य मुख्यालयराज्य सरकार की नजरे हाईटेक टाउनशिप में लाइसेंस लेकर गरीबों के लिए छोटे मकान न बनाने वालों पर नजरे तिरछी हो गई हैं। आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ऐसे बिल्डरों के खिलाफ शिकंजा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पहले चरण में अंसल हाईटेक टाउनशिप में गड़बड़ी पर पांच सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई है।कानपुर कार्यालय के मुताबिक लखनऊ की अंसल हाईटेक टाउनशिप में गड़बड़ी की जांच के लिए कानपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष के विजयेंद्र पांडियन की अध्यक्षता में बनी पांच सदस्यीय समिति जल्द ही जांच शुरू कर दी है। आवास राज्यमंत्री सुरेश पासी ने अंसल टाउनशिप का पिछले दिनों स्थलीय निरीक्षण किया था, जिसमें कई गड़बड़ियां मौके पर मिली थी। उन्होंने मुख्यमंत्री को अनियमितताओं की रिपोर्ट सौंपी है।जांच कमेटी में कानपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष के अलावा आवास बंधु के चार अधिकारी शामिल हैं। केडीए वीसी ने पत्रावलियां मंगा ली हैं। मंत्री ने मुख्यमंत्री को भेजी जांच रिपोर्ट में कहा है कि टाउनशिप के विकासकर्ता को 10 फीसदी गरीबों व 10 फीसदी अल्प आय वर्ग के लिए बनाने थे, लेकिन 1696 मकान की जगह सिर्फ 1472 ही बनाए गए।आवास राज्य मंत्री की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 1765 एकड़ में टाउनशिप विकसित करने का लाइसेंस लखनऊ विकास प्राधिकरण से 2005 में लिया गया था। तब 1030 ईडब्ल्यूएस और एलआईजी भवन बनाए जाने थे पर सिर्फ 376 भवन बनाए गए। साथ ही बाद में आवंटियों को भवन देने की लागत भी बढ़ा दी गई, यह आवास नीति का खुला उल्लंघन है।

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