Health - एक जुलाई से एक महीने तक चलेगा संचारी रोग नियंत्रण अभियान DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

एक जुलाई से एक महीने तक चलेगा संचारी रोग नियंत्रण अभियान

प्रमुख संवाददाता / राज्य मुख्यालयस्वास्थ्य विभाग एक जुलाई से सभी 75 जिलों में संचारी रोग नियंत्रण अभियान शुरू करने जा रहा है। यह अभियान एक महीने तक चलेगा। इस अभियान में एई जेई से प्रभावित गोरखपुर और बस्ती मंडलों के सात जिले भी शामिल है। संचारी रोग नियंत्रण अभियान के लिए शुक्रवार को एक कार्यशाला का भी आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह समेत स्वास्थ्य विभाग के सभी बड़े अफसरों ने शिरकत की। विभाग ने फैसला किया है कि एई जेई के साथ ही मलेरिया, कालाजार, फाइलेरिया चिकनगुनिया और डेंगू की रोकथाम के लिए एक साथ बड़ा अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में बेसिक शिक्षा, कृषि, पंचायतीराज, नगर विकास, ग्राम्य विकास व संस्कृति विभाग को भी शामिल किया गया है। इस अभियान में नोडल विभाग का काम स्वास्थ्य विभाग कर रहा है। विभाग ने ऐसी व्यवस्था की है कि जिस रोग से जो जिले हमेशा प्रभावित होते हैं, वहां अमुख रोग से संबंधित जिलों में रोकथाम के लिए जागरुकता अभियान चलाया जाएगा। मसलन, डेंगू और चिकनगुनिया से सभी 75 जिले, फाइलेरिया से 51 जिले, कालाजार से छह जिले और एईजेई से पूर्वांचल के सात जिले प्रभावित होते हैं। हालांकि, अब एई जेई के लिए अभियान में अब सात नहीं अब 18 जिलों को जोड़ा गया है। इसमें गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, बस्ती, सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर के अलावा बहराईच, श्रावस्ती, गोण्डा, बलरामपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, लखनऊ, सीतापुर, रायबरेली और हरदोई को भी शामिल किया गया है। इन जिलों में दस्तक नाम से अभियान चलाया जाएगा। इससे पहले भी 10 फरवरी से 28 फरवरी तक चले दस्तक अभियान में पूर्वांचल के सात जिलों में करीब 66 लाख घरों में तीन बार पहुंचा गया था। इन घरों में एक-एक किट पहुंचाई गई। इसमें जनजागरण से संबंधित बुकलेट थी। इस बुकलेट में एईजेई जैसी गंभीर बीमारी से बचने के उपाय बताए गए थे। इसके साथ ही विभाग ने पूर्वांचल के इन सात जिलों में पीड्रियाटिक इन्सेंटिव केयर यूनिट (पीकू) भी संचालित हैं। इनमें 172 वेंटीलेटर लगे हुए हैं। पूर्वांचल में एईजेई से मौतों की थमी रफ्तार एईजेई के कहर से पूर्वांचल जिलों के तमाम बच्चों को मौत के मुंह से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के इन गंभीर प्रयासों किए हैं। इसका नतीजा यह हुआ कि इस रोग से मरने वाले बच्चों की संख्या लगातार कम हो रही है। जहां एईजेई रोग से 2017 में 3 हजार 911 केस आए इनमें 748 बच्चों की मौत हो गई। 2018 3 हजार 77 के आए। 278 बच्चे मर गए। 2018 के जून महीने से लेकर एईजेई के अब तक 1548 केस आए और केवल 100 बच्चों की बच्चों की मौत हुई है। कारोबार के साथ सोशल वेलफेयर के लिए भी काम कर रहे गोदरेज कंपनी के साथ प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने एक एमओयू साइन किया है। कंपनी संचारी रोगों की रोगों की रोकथाम के लिए बदायूं के 100 और इतने ही बरेली के गांवों में जागरुकता अभियान चलाएगी। बॉक्समुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के निर्देश पर एक जुलाई से चलाए जाने वाले संचारी रोग नियंत्रण अभियान से एई जेई समेत सभी संचारी रोगों से लोगों के प्रभावित होने से रोकने के लिए चलाया जाएगा। सरकार की कोशिश है कि संचारी रोगों से एक भी मौत न होने पाए।सिद्धार्थ नाथ सिंहचिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Health