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संशोधित--दिमागी बुखार के इलाज के लिए डॉक्टरों संग जाएंगी मोबाइल वैन

राज्य मुख्यालय- प्रमुख संवाददाता

प्रदेश में दिमागी बुखार के इलाज के लिए अब डॉक्टरों के साथ मोबाइल वैन प्रभावित क्षेत्रों में जाएगी। वहां पीड़ितों का मौके पर ही इलाज हो सकेगा। इसके लिए प्रदेश सरकार ने टाटा ट्रस्ट के साथ समझौता किया है। सबसे पहले यह योजना गोरखपुर और सिद्धार्थनगर में शुरू की जाएगी।

समझौते पर हस्ताक्षर के दौरान प्रमुख सचिव स्वास्थ्य प्रशांत त्रिवेदी ने कहा कि गोरखपुर और सिद्धार्थनगर में मोबाइल मेडिकल वैन के जरिए से दिमागी बुखार के रोगियों के इलाज की व्यवस्था टाटा ट्रस्ट की ओर से की जाएगी। साथ ही गोरखपुर के पिपराईच ब्लॉक और सिद्धार्थनगर के उसका बाजार ब्लॉक को दिमागी बुखार के इलाज के लिए आदर्श स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अलावा टाटा ट्रस्ट इन दोनों ब्लॉकों में दिमागी बुखार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराएगा। भविष्य में स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी इस प्रकार की मोबाइल यूनिट्स शुरू की जाएंगी ।

एमओयू पर हस्ताक्षर प्रमुख सचिव स्वास्थ्य प्रशांत त्रिवेदी की मौजूदगी में महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. पदमाकर सिंह व टाटा ट्रस्ट की ओर से प्रमुख वित्त अधिकारी बुर्जीस तारापोरवाला ने किया। राज्य सरकार की ओर से डा. विकासेंदु अग्रवाल, संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य को नोडल अधिकारी बनाया गया है।

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  • Web Title:health