DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मैं ने पंडित दीन दयाल को देखा, सुना और समझा है-राज्यपाल

- सूचना राज्य मंत्री ने राज्यपाल को पंडित दीन दयाल उपाध्याय संपूर्ण वांग्मय की पहली प्रति भेंट की - सात हजार प्रतियां खरीदकर राज्य सरकार प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों की लाइब्रेरी को देंगी विशेष संवाददाता राज्य मुख्यालय। राज्यपाल राम नाईक को सूचना राज्यमंत्री डा. नीलकंठ तिवारी ने बुधवार को राजभवन में 15 खण्डों के ‘पंडित दीनदयाल सम्पूर्ण वांग्मय की प्रथम प्रति भेंट की। राज्यमंत्री डा. तिवारी द्वारा राज्यपाल के साथ-साथ लखनऊ स्थित सभी विश्वविद्यालय के कुलपतियों को भी वांग्मय की प्रतियां भेंट की गयी। संपूर्ण वांग्मय की सात हजार प्रतियां खरीदकर राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों को वितरित की जाएंगी। राज्यपाल ने राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों में पंडित दीनदयाल सम्पूर्ण वांग्मय वितरित किये जाने के निर्णय का स्वागत करते हुये कहा कि ‘मैंने पंडित दीनदयाल को देखा भी है, सुना भी है और समझा भी है, इसके लिये मैं स्वयं को भाग्यशाली समझता हूं। डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने उनके बारे में कहा था, ‘मुझे दो और दीनदयाल दे दो तो मैं पूरे देश का परिवर्तन कर दूंगा। एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे जिन्होंने देश और समाज की सेवा करते हुये अपना सारा जीवन राष्ट्र को समर्पित कर दिया था। श्री नाईक ने कहा कि पंडित दीनदयाल ने बड़ी सहजता से अर्थशास्त्र, राजनीति, कृषि आदि पर अपने विचार रखे। उन्होंने एकात्म मानववाद पर विचार करते हुये अंत्योदय की वैचारिक भूमिका का निर्माण किया। अपने विचारों के प्रचार के साथ-साथ व्यवहार से उन्होंने लोगों को जोड़ा। पंडित दीनदयाल एवं राम मनोहर लोहिया के विचारों को मिलाकर कैसे राजनीति की जाए, इस पर विचार किया। उनका मानना था कि मतभेद हो सकते हैं, पर राष्ट्र के लिये एक होकर सोचना चाहिये। अपने बारे में बताने का स्वाभाव पंडित जी का नहीं था। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव सूचना अवनीश अवस्थी व सूचना निदेशक अनुज झा सहित कई अधिकारी व कुलपति उपस्थित थे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:governor