हरे चारे की अच्छी पैदावार के लिए पशुपालकों-किसानों को दी जाएगी ट्रेनिंग
Lucknow News - सरकार हरे चारे का उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों और पशुपालकों को प्रशिक्षण दिलाएगी। हर जिले से अधिकारी और किसान चारा उगाने के लिए ट्रेनिंग और एक्सपोजर विजिट में शामिल होंगे। नेपियर घास, बरसीम और ज्वार चारा बीज वितरित किए जा रहे हैं।

लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। हरे चारे का उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार किसानों व पशुपालकों को प्रशिक्षण दिलाएगी। पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि हम सिर्फ बीज वितरण तक ही सीमित नहीं है। चारे की पैदावार अच्छी हो, उस पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण प्रक्रिया
इस क्रम में हर जिले से दो अधिकारियों (एक कृषि विभाग से, दूसरा पशुपालन विभाग से) को भारतीय चरागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान झांसी में ट्रेनिंग दिलाई जा रही है। यही मास्टर ट्रेनर के रूप में विकास खंडों पर किसानों व पशुपालकों को सही तरीके से चारा उगाने की ट्रेनिंग देंगे।
किसानों की एक्सपोजर विजिट
इसके अलावा हर जिले से 15-15 किसानों और पशुपालकों को चारा उत्पादन बढ़ाने के लिए तकनीकी संस्थाओं एवं विभागीय प्रक्षेत्रों में एक्सपोजर विजिट कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि किसानों, पशुपालकों और चारागाहों में हरे चारे की उपलब्धता बढ़ाने के लिए पशुधन विभाग तेजी से प्रयास कर रहा है।
चारा बीज वितरण
इसके लिए नेपियर घास रूट स्लिप, बरसीम और ज्वार चारा बीज किसानों और पशुपालकों को वितरित किया जा रहा है ताकि पशुओं के लिए साल भर पोषक और सस्ता हरा चारा उपलब्ध कराया जा सके। श्री मेश्राम ने बताया कि इस साल हजारों हेक्टेयर में हरा चारा उगाने के लिए प्रदेश के 75 जिलों में काम शुरू हो चुका है। सबसे ज्यादा फोकस प्रदेश में नेपियर घास की पैदावार बढ़ाने पर किया जा रहा, जिसकी कटाई साल भर में 6 बार तक की जा सकती है।
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