
राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान ग्रेटर नोएडा में नए पाठ्यक्रम शुरू करने की मंजूरी
Lucknow News - - एसजीपीजीआई की तर्ज पर विकसित कर इलाज की बेहतर सुविधाएं दी जाएंगी - राजकीय
लखनऊ, विशेष संवाददाता राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान-ग्रेटर नोएडा को एसजीपीजीआई लखनऊ की तर्ज पर सुपरस्पेशलिटी संस्थान के रूप में विसकित किया जाएगा, जिससे पश्चिमी यूपी के लोगों को वहां बेहतर इलाज की सुविधा मिल सके। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई 10वीं शासी निकाय की बैठक में यह फैसला किया गया। बैठक में नए पाठ्यक्रम को भी मंजूरी दी गई। बैठक में यूरोलॉजी, न्यूरोलॉजी, पीडियाट्रिक सर्जरी, क्रिटिकल केयर मेडिसिन, कार्डियोलॉजी, मेडिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, मेडिकल ऑन्कोलॉजी और न्यूरोसर्जरी में सुपरस्पेशलिटी पाठ्यक्रम (डीएम/एमसीएच/डीआरएनबी) के साथ नियोनेटोलॉजी, पेन मेडिसिन, रीजनल एनेस्थीसिया, डेंटल र्जरी और क्रिटिकल केयर में फेलोशिप शुरू किया जाएगा। राष्ट्रीय आपातकालीन जीवन रक्षक (एनईएलएस) प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की भी मंजूरी दी गई।

स्वास्थ्य देखभाल कौशल विकास पाठ्यक्रमों के लिए जीआईएमएस विद्या सेतु (कौशल शिक्षा प्रशिक्षण इकाई) शुरू करने की भी मंजूरी दी गई। इसमें गहन देखभाल और मैकेनिकल वेंटिलेशन में प्राथमिक प्रतिक्रिया देखभाल प्रशिक्षण (प्राइम-केयर) और नर्सिंग मॉड्यूल शामिल है। इसके साथ ही उपचार सुविधाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए संस्थान के उन्नयन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसमें उन्नत बुनियादी ढांचे का निर्माण और क्षमता वृद्धि शामिल है। मेडिकल कॉलेज परियोजना के अंतर्गत ग्रेटर नोएडा इंडस्ट्रियल डवलपमेंट अथॉरिटी (जीएनआईडीए) द्वारा गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) आवंटित 56 एकड़ भूमि पर मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज और पैरामेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए दूसरे चरण की राशि देने की मंजूरी दी गई। जीआईएमएस द्वारा संस्थान का 10 वर्षीय विजन प्रस्तुत किया गया, जिसे सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दी गई। संस्थान के दीर्घकालिक विजन के तहत, जीआईएमएस का लक्ष्य एसजीपीजीआई लखनऊ की तर्ज पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक प्रमुख देखभाल और सुपरस्पेशलिटी शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा अमित कुमार घोष ने रोबोटिक सर्जरी, उच्चस्तरीय निदान और सटीक चिकित्सा जैसी उन्नत रोगी देखभाल सुविधाएं शुरू करने का सुझाव दिया। इसमें कहा गया है कि एसजीपीजीआई के समान पश्चिमी यूपी में चिकित्सा केंद्र को आगे बढ़ाने की जरूरत है। जीआईएमएस के निदेशक डा.(ब्रिगेडियर) राकेश के. गुप्ता ने बताया कि राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान ग्रेटर नोएडा का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को किफायती स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है और इसे उत्कृष्ट व्यावसायिक चिकित्सा शिक्षा और बहु-विषयक अनुसंधान प्रदान करने में अग्रणी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

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