सभी अनुसूचित जातियां मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण में होंगी पात्र: केशव प्रसाद

Newswrap हिन्दुस्तान, लखनऊ
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Lucknow News - उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने घोषणा की है कि उत्तर प्रदेश की 'डबल इंजन' सरकार ने मुख्यमंत्री आवास योजना में सभी अनुसूचित जनजातियों को शामिल किया है। अब भोटिया, जौनसारी और राजी समेत अन्य जनजातियां भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगी। पूर्ववर्ती सरकारों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने इन जातियों का शोषण किया।

सभी अनुसूचित जातियां मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण में होंगी पात्र: केशव प्रसाद

-जातियों को जोड़ना और उनका सर्वांगीण विकास करना ही हमारी सरकार का संकल्प -सपेरा, योगी, चेरो, कोल जैसी 18 जातियों के बाद अब भोटिया, जौनसारी और राजी समेत सभी शेष जनजातियां होंगी लाभान्वित•-डबल इंजन सरकार ने खोले गरीबों के विकास के मार्ग-मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के दायरे में अब प्रदेश की सभी अनुसूचित जनजातियां•-पूर्ववर्ती सरकारों ने इन जनजातियों को 'वोट बैंक' की तरह इस्तेमाल कियालखनऊ, विशेष संवाददाताउपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश की 'डबल इंजन' सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े हर व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने 'मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण' के दायरे को और अधिक व्यापक बनाते हुए प्रदेश की उन सभी अनुसूचित जनजातियों को योजना की पात्रता सूची में शामिल करने का निर्णय लिया है, जो अब तक इससे वंचित थीं। अब भोटिया, जौनसारी और राजी समेत सभी शेष जनजातियां भी लाभान्वित होंगी।केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष की सरकारों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने इन जनजातियों को कभी भी मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास नहीं किया। उन्होंने इन पिछड़ी और वंचित जातियों को केवल एक 'वोट बैंक' की तरह इस्तेमाल किया और सत्ता में रहते हुए सदैव इनका शोषण किया। आज हमारी सरकार इन जातियों को उनका हक और छत देकर उनका मान बढ़ा रही है।उपमुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2018 में शुरू हुई इस योजना में शुरुआत में केवल वनटांगिया और मुसहर जातियों को शामिल किया गया था। समय के साथ इसमें कोल, थारू, सहरिया, नट, चेरो, बैगा, बोक्सा, बंजारा और सपेरा जैसी 18 जातियों को जोड़ा गया। अब सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रदेश की शेष सभी अनुसूचित जनजातियों को भी इसमें शामिल किया जाए।अब इन जातियों को जोड़ा गयाभोटिया, जौनसारी,राजी, गोंड तथा इसकी पर्याय धुरिया, ओझा, नायक, पठारी, राजगोंड, खरवार, खैरवार, परहिया, पंखा, पनिका, अगरिया, पटारी, भुइयां, भुनिया।योजना के आरम्भ 2018 से 2025 तक इन अनुसूचित जातियों को शामिल किया जा चुका था:-वनटांगिया, मुसहर, कोल, थारू, सहारिया, नट, चेरो, पछैया/ गढ़इया लोहार, बैगा, बुक्सा, बांसफोर, बसोड, धरकार, सपेरा (सपेरिया), जोगी

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