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25 फरवरी, 2021|4:11|IST

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शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन व सदस्यों से सरकार ने मांगी फाइलें

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विशेष संवाददाता--राज्य मुख्यालयप्रदेश सरकार ने एक आदेश जारी कर उ.प्र.शिया सेण्ट्रल वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी व बोर्ड के अन्य सदस्यों से बोर्ड के कामकाज से जुड़ी सभी फाइलें और दस्तावेज तलब किए हैं। गुरुवार को इस बारे में शासन के उप सचिव रवि शंकर मिश्र की ओर से एक आदेश जारी किया गया है। प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री मोहसिन रजा के निर्देशों के अनुपालन के क्रम में इस आदेश में कहा गया है कि बोर्ड के पूर्व चेयरमैन व सदस्य सभी दस्तावेज प्रोसीडिंग बुक, फाइलें आदि तत्काल शासन को सौंपें।पता चला है कि उ.प्र.सुन्नी वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन जुफर फारूकी से भी बोर्ड के कामकाज से संबंधित सभी फाइलें व दस्तावेज वापस लिए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बताते चलें कि दो दिन पहले आपके अपने समाचार पत्र 'हिन्दुस्तान' ने एक खबर प्रकाशित कर यह खुलासा किया था कि सुन्नी वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन श्री फारूकी के पास अयोध्या के रामजन्म भूमि-बाबरी मस्जिद विवाद और इस बाबत सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद अयोध्या में किसी अन्य स्थान पर मस्जिद बनाने पर हुई सहमति से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं। 22 महीने से दोनों बोर्ड के कर्मचारियों को नहीं मिली तनख्वाहउधर, अरबों रुपये की भू-सम्पत्तियों के मालिक इन दोनों वक्फ बोर्ड की आर्थिक हालत इतनी जर्जर है कि महीनों से इनके कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल पाया है। सुन्नी वक्फ बोर्ड में तो पिछले 22 महीनों से कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है। इस बोर्ड में कुल 65 कर्मचारी हैं, हर महीने करीब 35 से 40 लाख रुपये वेतन व भत्तों के भुगतान के लिए चाहिए। बोर्ड के कर्मचारियों का कहना है कि वक्फ सम्पत्तियों की आमदनी से मुतवल्ली हर साल मार्च के महीने में जो अंशदान देते थे, उससे थोड़ा बहुत बकाया वेतन का हिस्सा मिल जाता था। मगर इस बार कोरोना संकट की वजह से यह भी सम्भव नहीं हो पाया। यही हाल शिया वक्फ बोर्ड का भी है।

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  • Web Title:Government demands files from former chairman and members of Shia Waqf Board