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गोंडा : घाघरा एक बार फिर खतरे के निशान को छूने को बेताब, दहशत फैली 

गोंडा : घाघरा एक बार फिर खतरे के निशान को छूने को बेताब, दहशत फैली 

1 / 2गोंडा : घाघरा एक बार फिर खतरे के निशान को छूने को बेताब, दहशत फैली 

गोंडा : घाघरा एक बार फिर खतरे के निशान को छूने को बेताब, दहशत फैली 

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खतरे के निशान को छूकर करीब दो मीटर नीचे आ चुकी घाघरा एक बार फिर खतरे के निशान को छूने के लिए बेताब है। गुरुवार को सुबह से घाघरा में जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा। बुधवार की शाम खतरे के निशान 106.07 के सापेक्ष 104.06 पर थी। रात्रि में चौतरफा हुई बरसात के चलते घाघरा नदी का जलस्तर गुरुवार की सुबह से अचानक तेजी से बढ़ने लगा। और गुरुवार शाम 4 बजे तक घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से 60 सेंटीमीटर नीचे तक पहुंच गया। शाम 4 बजे एल्गिन चरसड़ी ब्रिज और घाघरा का जलस्तर 105.476 मापा गया।
 वहीं घाघरा का जलस्तर तेजी से बढ़ने का सिलसिला जारी है। एक सप्ताह पूर्व घाघरा नदी अपने पूरे शबाब पर थी तथा खतरे के निशान से मात्र 2 सेंटीमीटर नीचे तक पहुंचकर पानी घटने लगा था।  एक बार फिर घाघरा का जलस्तर बढ़ने से लोगों में दहशत फैल गई है। घाघरा में बढ़ा जलस्तर के चलते नकहरा गांव के पास नदी का पानी नदी के बाहर फैलने का सिलसिला शुरू हो गया है। यदि नदी का जलस्तर इसी तरह तेजी से बढ़ता रहा तो शुक्रवार की शाम तक घाघरा का पानी ग्राम नकहरा गांव में प्रवेश भी कर सकता है। 
दूसरी ओर करनैलगंज तहसील क्षेत्र के गांव को बाढ़ से बचाने के लिए प्रशासनिक कवायदे बिल्कुल फेल नजर आ रही हैं। कोई भी अधिकारी बाढ़ को लेकर गंभीर नहीं है। एल्गिन चरसड़ी नए बांध पर मौजूद सहायक अभियंता अमरेश सिंह ने बताया कि घाघरा का जलस्तर शुक्रवार की सुबह से भी बहुत तेजी से बढ़ रहा है। सिंचाई विभाग के अधिकारी व उनकी टीम बांध पर मौजूद है। अभी तक किसी भी प्रकार का कोई खतरा नहीं है। लगातार पानी बढ़ने से आगे दिक्कतें आ सकती हैं।

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  • Web Title:Gonda: Ghaghra is once again desperate to touch the danger mark panic spread